लखनऊ

मायावती का नया सियासी दांव! उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस युकेश सिंह कौन हैं? क्या पार्टी में बढ़ेगा कद

About Prince Yukesh Singh: बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद उनके बेटे प्रिंस युकेश सिंह के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बसपा प्रमुख मायावती ने परिवार की सहमति होने पर प्रिंस युकेश सिंह को राजनीति में आगे लाने और उन्हें पूरा सम्मान व समर्थन देने की बात कही है।
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Aug 06, 2026
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उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस युकेश सिंह के बारे में। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

About Prince Yukesh Singh: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद अब उनके राजनीतिक उत्तराधिकार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। BSP प्रमुख मायावती ने उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके इकलौते बेटे प्रिंस युकेश सिंह को राजनीति में आगे लाने का प्रस्ताव रखा है। मायावती ने कहा कि यदि परिवार की इच्छा होगी तो पार्टी प्रिंस युकेश सिंह को पूरा सम्मान और समर्थन देते हुए उनकी राजनीतिक यात्रा में साथ खड़ी रहेगी।

मायावती के बयान से मिले राजनीतिक संकेत

मायावती के इस बयान को BSP में राजनीतिक उत्तराधिकार के स्पष्ट संकेत के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि प्रिंस युकेश सिंह आने वाले समय में अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा सकते हैं। प्रिंस युकेश सिंह पहले से ही क्षेत्रीय गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं और पारिवारिक कारोबार की जिम्मेदारियां भी संभाल रहे हैं।

कौन हैं प्रिंस युकेश सिंह?

प्रिंस युकेश सिंह पेशे से कारोबारी हैं। वह सीएस इन्फ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं। उन्हें वर्ष 2025 में कंपनी का CEO नियुक्त किया गया। इससे पहले वे 2020 से कंपनी में प्रेसिडेंट के पद पर कार्य कर रहे थे। कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में कार्य करती है और प्रिंस युकेश सिंह इसके संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

3 बार विधायक रहे उमाशंकर सिंह

उमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा के इकलौते विधायक थे। उन्होंने बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन चुनाव जीते। उन्होंने पहली बार 2012 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की। इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी लगातार जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत बनाए रखी।

2022 में BSP की प्रतिष्ठा बचाने वाले नेता

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जब उत्तर प्रदेश में बसपा का प्रदर्शन कमजोर रहा, तब उमाशंकर सिंह ने रसड़ा सीट जीतकर पार्टी का खाता खोला। उस चुनाव में वह बसपा के एकमात्र विधायक बने। यही कारण रहा कि वे मायावती के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिने जाने लगे। बताया जाता है कि उमाशंकर सिंह मायावती को अपनी सगी बहन जैसा सम्मान देते थे।

परिवार में कौन-कौन हैं?

उमाशंकर सिंह का जन्म बलिया जिले के रसड़ा क्षेत्र के खनवर गांव में हुआ था। उनके पिता घुराहु सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त पूर्व सैनिक थे। परिवार में उनकी पत्नी पुष्पा सिंह, इकलौते बेटे प्रिंस युकेश सिंह और बहू कनिका सिंह हैं।

राजनीति और कारोबार दोनों की जिम्मेदारी

उमाशंकर सिंह राजनीति के साथ-साथ अपने कारोबारी कार्यों से भी जुड़े रहे। उनके व्यवसाय के संचालन में पत्नी और बेटे की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अब उनके निधन के बाद राजनीतिक विरासत के साथ-साथ कारोबारी जिम्मेदारियां भी प्रिंस युकेश सिंह के कंधों पर हैं।

आगे क्या?

मायावती के सार्वजनिक समर्थन के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि यदि परिवार सहमति देता है तो प्रिंस युकेश सिंह भविष्य में बसपा के टिकट पर सक्रिय राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में परिवार की ओर से अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।