
Kalki Dham Peethadhishwar Acharya Pramod Krishnam: कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को जान से मारने की धमकी मिलने के मामले में अब उनका बयान सामने आया है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि वह अपने काम को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि उनका पूरा जीवन कल्कि धाम के निर्माण और सनातन धर्म के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि देश के लोगों को भी इस मामले की जानकारी देना उनका कर्तव्य है।
धमकी मिलने के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपना बयान जारी किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि, "वह अपना काम पूरी निष्ठा के साथ लगातार जारी रखेंगे। उनका पूरा जीवन श्री कल्कि धाम के निर्माण और सनातन धर्म की सेवा के लिए समर्पित है। उन्होंने आगे कहा कि यह उनका नैतिक कर्तव्य और बड़ी जिम्मेदारी थी कि वह इस गंभीर मामले को देश की जनता के सामने रखें क्योंकि...यह एक बहुत ही संवेदनशील विषय है।" आचार्य प्रमोद कृष्णम ने यह भी बताया कि वह इस पूरे मामले की जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय और देश की जनता के साथ साझा कर रहे हैं ताकि इस पर उचित और त्वरित कार्रवाई की जा सके।
दरअसल बीते 24 सितंबर की रात आचार्य प्रमोद कृष्णम के व्यक्तिगत मोबाइल नंबर पर एक अमेरिका के नंबर से ऑडियो संदेश प्राप्त हुआ था। इस विदेशी नंबर (+1 216-253-1406) से आचार्य प्रमोद कृष्णम को जान से मारने की धमकी मिली थी। ऑडियो संदेश में कुलवीर सिंह सिद्धू ने अपना परिचय देते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम को सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी दी।
कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया। श्री कल्कि धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष उमा रमण त्रिपाठी की ओर से इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को आधिकारिक पत्र भेजकर की गई। पत्र में धमकी देने वाले व्यक्ति का नाम कुलवीर सिंह सिद्धू बताया गया है और यह दावा किया गया है कि उसका संबंध 'बब्बर खालसा' नाम के खतरनाक आतंकी संगठन से है।
धमकी भरे इस ऑडियो संदेश में साफ तौर पर कहा गया कि, "अपना यह पाखंड फैलाना बंद कर दो वरना...तुम्हें किसी दिन भी उड़ा दिया जाएगा। संदेश भेजने वाले ने यह भी कहा कि तुम्हारी जिंदगी के दिन अब बहुत थोड़े ही बचे हैं।" श्री कल्कि धाम ट्रस्ट की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार इस ऑडियो संदेश में बम विस्फोट करने की धमकी भी दी गई है जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील और खतरनाक हो जाता है। ट्रस्ट और आचार्य प्रमोद कृष्णम की ओर से मांग की गई है कि इस मामले में की गहनता से तकनीकी जांच कराई जाए ताकि इस साजिश के पीछे के असली चेहरों का पर्दाफाश हो सके।