कोरोना नियमों का पालन किया जा रहा है। फ्लाइट की तर्ज पर तेजस में यात्रा करने वाले यात्रियों को फेस शील्ड भी दिया जा रहा है।
लखनऊ. देश की पहली कॉरपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस(Tejas train) चार महीने बाद शनिवार को फिर से पटरी पर दौड़ने लगी है। यह ट्रेन लखनऊ(Lucknow) से नई दिल्ली(New Delhi) वाया कानपुर सेंट्रल(Kanpur) जाती है। कोरोना(Corona) काल में इस ट्रेन(Train) का संचालन तीन बार बंद हो चुका है। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए ट्रेन में सैनिटाइजेशन और साफ-सफाई की खास व्यवस्था की गई है। साथ-साथ ट्रेन संचालन के दौरान कोरोना गाइडलाइन का भी पालन किया जा रहा है।
कोरोना नियमों का रखा जा रहा है ध्यान
फ्लाइट की तर्ज पर तेजस में यात्रा करने वाले यात्रियों को फेस शील्ड भी दिया जा रहा है। इस ट्रेन का संचालन आईआरसीटी द्वारा किया जाता है। यह ट्रेन कोरोना काल से पहले प्रतिदिन चलती थी, लेकिन अब सप्ताह में चार दिन शुक्रवार, शनिवार, रविवार और सोमवार को ही इसका संचालन होगा। सात अगस्त से तेजस एक्सप्रेस लखनऊ जंक्शन से सुबह 6:10 बजे रवाना हुई। कानपुर सेंट्रल पर यह सुबह 7:20 बजे पहुंची। पांच मिनट बाद यहां से नई दिल्ली के लिए रवाना हो गयी।
कोरोना काल में तीन बार थम चुका है पहिया
यह ट्रेन दोपहर 12:25 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापस नई दिल्ली से लखनऊ के लिए दोपहर 3:40 बजे चलकर रात में 8:35 बजे कानपुर सेंट्रल और रात 10 बजे लखनऊ पहुंचेगी। यह ट्रेन गाजियाबाद में भी रुकती है। कोरोना की वजह से तेजस एक्सप्रेस का संचालन 19 मार्च 2020, 23 नवंबर 2020 और चार अप्रैल 2021 को बंद करना पड़ा था।
रेलवे के अधिकारी कर चुके हैं निरीक्षण
आईआरसीटीसी के क्षेत्रिय प्रबंधक आनंद सरोज ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे के वरिष्ठ मंडल यांत्रिक के साथ ट्रेन की रैक, अन्य सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर निरीक्षण किया गया है।
प्रीमियम ट्रेनों में भी महंगा है किराया
दिल्ली-लखनऊ के बीच चलने वाली प्रीमियम ट्रेनों से महंगा तेजस का किराया है। तेजस में चेयरकार के लिए 1109 रुपए और एक्जीक्यूटिव क्लॉस के लिए 2027 रुपए किराया है। वंदेभारत में चेयरकार 780 रुपए और एक्जीक्यूटिव क्लॉस के लिए 1935 रुपए किराया है। तो वहीं रिवर्स शताब्दी में चेयरकार के लिए 780 रुपए और एक्जीक्यूटिव क्लॉस में 1520 रुपए किराया वसूला जाता है।