Agnipath Scheme Violence: सरकार ने 14 जून को अग्नीपथ योजना शुरू करने की घोषणा की। इस योजना की घोषणा करने के बाद से ही पूरे देश में विरोध का माहौल हो गया। आखिर इस योजना में ऐसा क्या...
मोदी सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ शुक्रवार सुबह से ही प्रदर्शन शुरू हो गया। यूपी समेत बिहार, तेलंगाना और हरियाणा समेत देशभर में युवा जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं। यूपी में प्रदर्शनकारियों ने अग्निपथ के विरोध में बलिया में एक खड़ी ट्रेन में आग लगा दी। ट्रेन की कई बोगियां काटकर अलग करनी पड़ी। इसके अलावा बलिया में स्टेशन पर तोड़-फोड़ भी की गई। कुछ उपद्रवियों ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे जाम कर दिया और रोडवेज बस में तोड़फोड़ की। चंदौली में ट्रेन रोकर और अमेठी में धरना प्रदर्शन करके विरोध किया गया। पुलिस राज्य में हाई अलर्ट पर है और उपद्रवियों को काबू करने में लगी है। हालांकि पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया है।
बलिया में मचा बवाल
पुलिस प्रशासन की जानकारी के अनुसार सुबह ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने एक्सप्रेस-वे से लेकर स्टेशनों में हंगामा कर रहे हैं। लाठी-डंडों लेकर कहीं 100 तो कहीं 200 प्रदर्शनकारी अपने साथियों को छुड़ाने और हंगामें के लिए निकल रहे हैं। सैकड़ों की तादाद में यह प्रदर्शनकारी बलिया रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां कई ट्रेनों में तोड़फोड़ की। जिस समय प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनों में तोड़फोड़ किया उस समय अंदर यात्री भी मौजूद थे। उपद्रव के दौरान जीआरपी और बलिया पुलिस की प्रदर्शनकारियों से कई बार भिड़ंत भी हुई।
जानें अग्निपथ योजना
अग्नीपथ योजना के तहत इस साल 46 युवाओं को सशस्त्र बल में शामिल किया जाना है। युवाओं की भर्ती 4 साल के लिए होगी और उन्हें अग्निवीर कहा जाएगा। यह 30,000 से 40,000 प्रति माह का वेतन मिलेगा और उनकी उम्र 17 से 21 वर्ष के बीच होगी। इस योजना का अर्थ यह भी है कि भर्ती हुए 25 फ़ीसदी युवाओं को आगे सेना में मौका मिलेगा और बाकी 75 फीसदी को नौकरी छोड़नी पड़ेगी
रेलवे मे जारी किए हेल्पलाइन नंबर
रेलवे ने ईसीआर जोन के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के लिए हेल्प लाइन नंबर जारी किए हैं। इस जोन में रेलवे के प्रमुख तौर पर डिवीजन धनबाद, दानापुर, मुगलसराय, समस्तीपुर, सोनपुर, इत्यादि हैं। रेलवे के इस ज़ोन और इसके आसपास के जिलों से जुड़े सभी क्षेत्रों को ये रूट प्रभावित करते हैं। ऐसे में लगभग 105 जिलों के लोगों को इस हेल्प लाइन नंबर की सहायता मिलेगी। वहीं, रेलवे ने एहतियातन अब 4 दर्जन से अधिक ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। जबकी दर्जनों ट्रेन ऐसी हैं जिनका रूट बदल दिया गया है।