
देश में बिजली खपत में दूसरे नंबर पर यूपी, PC- Patrika
जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, उत्तर प्रदेश बिजली खपत के मामले में महाराष्ट्र के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य बन गया है। इससे न सिर्फ बिजली की भारी मांग का पता चलता है, बल्कि राज्य के बुनियादी ढांचे पर पड़ रहे दबाव का भी। हालांकि, मांग में वृद्धि के साथ-साथ बड़े पैमाने पर बिजली कटौती भी हो रही है, जिससे खासकर ग्रामीण क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं।
रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) की प्रस्तुति के अनुसार, 20 मई से 22 मई के बीच राज्य में लगातार देश में दूसरी सबसे अधिक बिजली मांग दर्ज की गई।
15 मई से 22 मई के बीच रोजाना 2,638 MW से 4,529 MW तक की बिजली कटौती की गई। सबसे ज्यादा कटौती 20 मई को हुई, जब 4,529 MW की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 6 घंटे 48 मिनट बिजली गुल रही। 22 मई को भी ग्रामीण उपभोक्ताओं को करीब 4 घंटे बिजली नहीं मिली।
UPPCL के अनुसार, इस संकट की मुख्य वजह मई महीने में 11 बड़े थर्मल पावर प्लांट्स का बंद होना है। प्रमुख बंदियां इस प्रकार हैं-
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप का स्वागत किया, लेकिन बिजली निगम पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि थर्मल प्लांट्स के रखरखाव, कोयला प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विस्तार में लापरवाही बरती गई है।
वर्मा ने मांग की कि सभी बंद यूनिट्स को तुरंत चालू किया जाए और बिजली क्षेत्र के लिए एक ठोस दीर्घकालिक योजना बनाई जाए। उन्होंने दावा किया कि बढ़ती मांग के मुकाबले ट्रांसमिशन और उत्पादन क्षमता नहीं बढ़ी है, जिससे मांग और उपलब्ध क्षमता के बीच 20,000 MW से अधिक का अंतर हो गया है। इसके अलावा, संविदा कर्मचारियों की छंटनी से स्टाफ की कमी भी समस्या बढ़ा रही है।
इस कमी को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश ने 12 राज्यों और एजेंसियों के साथ पावर बैंकिंग व्यवस्था की है। अब तक 4,663 मिलियन यूनिट (MU) बिजली प्राप्त की गई है, जिसमें, कर्नाटक - 805 MU, जम्मू-कश्मीर - 762 MU, तमिलनाडु - 725 MU का प्रमुख योगदान है।
हालांकि, पिछले वर्षों की तुलना में इस बार अन्य राज्यों से मदद कम मिल रही है, क्योंकि कई राज्य बिजली एक्सचेंज पर ऊंची कीमतों पर बिजली बेचना पसंद कर रहे हैं। तत्काल राहत के लिए राज्य अल्पकालिक खरीद और सीधी बातचीत के जरिए पीक आवर्स में अतिरिक्त 700-1,000 MW बिजली जुटाने की कोशिश कर रहा है।
Updated on:
26 May 2026 10:46 am
Published on:
26 May 2026 10:46 am
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