लखनऊ

‘एंटी-पेपर लीक बिल’ पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, अजय राय बोले- सरकार की नीयत में खोट

Anti Paper Leak Bill: उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि पेपर लीक रोकने वाला बिल को लाने का क्या मतलब है, जब एक तरफ़ तो यह बिल लाया जा रहा है और दूसरी तरफ़ छात्रों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की जा रही हैं।
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Jul 27, 2026
ajay rai
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

UP Congress President Ajay Rai Statement: देश में पेपर लीक के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने लोकसभा में 'The Public Examinations (Prevention of Unfair Means) संशोधन विधेयक, 2026' पेश किया है। सरकार द्वारा शुक्रवार को इसी सिलसिले में एक ड्राफ्ट बिल पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है। इस बिल को लेकर विपक्षी दल सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।

जानिए नए बिल में क्या खास होगा?

इस बिल के तहत पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया जाएगा। दो महीने के भीतर ही जांच पूरी करने की बात कही जा रही है। इसके अलावा पेपर लीक के आरोपियों के लिए कम से कम पांच और अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान होगा। वहीं संगठित अपराधों के लिए कम से कम सात साल की सजा और 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रस्ताव है।

सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

मीडिया से बात करते हुए अजय राय ने कहा कि देखिए, इस बिल (पेपर लीक रोकने वाला बिल) को लाने का क्या मतलब है। जब एक तरफ तो यह बिल लाया जा रहा है और दूसरी तरफ छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही हैं और उन पर आपराधिक मामले चलाए जा रहे हैं? यह दोहरे मापदंड को दिखाता है।

'एक तरफ बिल ला रहे हैं और दूसरी तरफ छात्रों पर लाठी'

उन्होंने कहा कि एक तरफ आप बिल ला रहे हैं और दूसरी तरफ छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई हो रही है। छात्रों पर लाठियां चलाई जा रही हैं, यहां तक कि छात्राओं के निजी अंगों पर भी मारा-पीटा जा रहा है। इससे क्या पता चलता है? इससे साबित होता है कि यह सरकार छात्रों की जिंदगी और भविष्य बर्बाद करना चाहती है।

एसआईटी पर उठाए सवाल

राम मंदिर चंदा घोटाले के मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि मैं शुरू से ही कहता आ रहा हूं कि सरकार ने जो SIT बनाई थी, वह गलत थी। इसके हेड, विजय विश्वास पंत, प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ की घटना से भी जुड़े थे। वही अधिकारी थे जिन्होंने सुबह-सुबह लोगों से जल्दी उठने और 'अमृत काल' से पहले पवित्र डुबकी लगाने की घोषणा की थी, जिसके बाद भगदड़ मच गई थी। ऐसे व्यक्ति को SIT का हेड बनाया गया था। इसीलिए मैं लगातार कहता रहा कि SIT का गठन ठीक से नहीं किया गया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लिया है और सरकार को नई SIT बनाने का निर्देश दिया है। मैं इस फैसले के लिए कोर्ट का स्वागत और धन्यवाद करता हूं।

Updated on:
27 Jul 2026 03:38 pm
Published on:
27 Jul 2026 03:38 pm