
Uttar Pradesh News:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चुनाव आयोग को लेकर दिए बयान पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ चुनाव आयोग के प्रवक्ता नहीं हैं और उन्हें चुनाव आयोग की ओर से बोलने से बचना चाहिए। अजय राय ने योगी से कहा कि वह चुनाव आयोग से बात करें और यह बताएं कि चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी के बीच क्या संबंध है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग के प्रचारक होने की बात कही जा रही है, ऐसे में मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि वह चुनाव आयोग और बीजेपी के बीच चल रही इन बातों को लेकर क्या कहते हैं।
सीएम योगी ने विपक्षी दलों के चुनावी रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अगर चुनाव जीतें तो यह उनका पुरुषार्थ है। लेकिन भ्रष्टाचार, धांधली, घटिया नीति और अराजकता के चलते जनता इन्हें खारिज करे तो चुनाव आयोग और EVM को दोषी ठहराते हैं। इन दलों को अपने बचकाने बयानों को लेकर चिंतन करना चाहिए।
योगी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल राजनीतिक स्वार्थ के लिए संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि SIR को लेकर भी विपक्ष ने लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है। उनके मुताबिक देश में पहले भी कई बार ऐसा पुनरीक्षण हो चुका है। उन्होंने साल 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 का जिक्र किया। योगी ने कहा कि देश में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली कांग्रेस अब लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि SIR को लेकर पहले ही निर्देश दिए गए थे कि जिन मतदाताओं का नाम छूट गया है, उन्हें फॉर्म भरने का पूरा अवसर दिया जाएगा। फॉर्म-6 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयोग की कार्रवाई को ठीक ठहराया है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर EVM के अलावा देश की न्यायपालिका और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कैंब्रिज में भारत की न्यायपालिका की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़ा किया था। 2019 में CAG ने राफेल के मुद्दे पर अपना ऑब्जर्वेशन दिया था, इस पर भी कांग्रेस ने सवाल खड़े किए थे। EVM से हुए चुनाव में केंद्र और कई राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनी, उस EVM को ब्लैक बॉक्स कहकर भारत की चुनाव प्रणाली और लोकतंत्र पर सवाल खड़ा करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
योगी ने कहा कि विपक्षी दलों ने बालाकोट की एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय जवानों के शौर्य पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इन लोगों को संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं है। इन्होंने अपनी भ्रष्ट कार्यप्रणाली के कारण देश की सुरक्षा के साथ लगातार खिलवाड़ किया। बालाकोट की एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के बहादुर जवानों के शौर्य-पराक्रम पर इन्होंने सवाल खड़े किए। यह देशभक्ति नहीं है। वर्तमान में ऐसी ही हरकतें विपक्षी दल कर रहे हैं।
योगी ने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्त मीडिया के सामने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, छूटे मतदाताओं और फॉर्म-6 को लेकर स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। इसके बावजूद कांग्रेस, सपा और उनके सहयोगी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने मीडिया के सामने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, छूटे मतदाताओं और फॉर्म-6 को लेकर स्थिति साफ कर दी है। अब कोई प्रश्न खड़े नहीं होते हैं। इसके बाद भी कांग्रेस, सपा और उनके सहयोगी दल बाल की खाल उधेड़ने में लगे हैं।