लखनऊ

बसपा छोड़ दूसरी पार्टी में शामिल होंगे मायावती के भतीजे आकाश आनंद? संजय निषाद ने दिया ऑफर, बोले- उचित पद मिलेगा

Akash Anand Mayawati and Sanjay Nishad News: बसपा में बड़ी जिम्मेदारी से दूर किए गए आकाश आनंद को निषाद पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने पार्टी में आने का खुला ऑफर दिया है। उन्होंने आकाश आनंद को पसंद का पद और पूरा सम्मान देने की बात कही।
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Updated: 4 Sep 2026, 3:02 PM IST
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आकाश आनंद और मायावती। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

Akash Anand Mayawati and Sanjay Nishad News: बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती के भतीजे आकाश आनंद को फिलहाल पार्टी की किसी बड़ी जिम्मेदारी से दूर रखने के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच यूपी सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने आकाश आनंद को अपनी पार्टी में शामिल होने का खुला प्रस्ताव दिया है।

संजय निषाद ने कहा है कि अगर आकाश आनंद निषाद पार्टी में शामिल होते हैं तो उन्हें उनकी पसंद का पद दिया जाएगा और पूरा सम्मान भी मिलेगा। उन्होंने आकाश आनंद से अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर सोच-समझकर फैसला लेने की अपील की।

संजय निषाद बोले- सोच-समझकर फैसला लें आकाश आनंद

संजय निषाद ने कहा कि आकाश आनंद को अपने फैसले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, "मैं आकाश आनंद से गुजारिश करना चाहता हूं कि वे सोच-समझकर फैसला लें। एक कहावत है, जिधर जवानी चलती है, उधर जमाना चलता है। निषाद समुदाय की कोशिशों के पीछे यही सोच है।" संजय निषाद के इस बयान को आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य और युवा नेतृत्व को लेकर उनके रुख से जोड़कर देखा जा रहा है।

बहुजन आंदोलन और सामाजिक न्याय का किया जिक्र

संजय निषाद ने बहुजन आंदोलन और सामाजिक न्याय की चर्चा करते हुए कहा कि देश की बड़ी आबादी ऐसे समुदायों से आती है, जिन्होंने लंबे समय तक अभाव का सामना किया है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था का उद्देश्य गरीब और समाज के निचले पायदान पर खड़े लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उनके मुताबिक, शिक्षा और सरकारी योजनाओं के जरिए कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

कांशीराम और डॉ. अंबेडकर की विचारधारा का हवाला

आकाश आनंद को अपनी पार्टी में आने का न्योता देते हुए संजय निषाद ने कांशीराम और डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "नारा था- अंबेडकर के सपने अधूरे, कांशीराम करेंगे पूरे और विचारधारा थी अंबेडकर जी की और अब कांशीराम के सपने अधूरे, हम लोग मिलकर करेंगे पूरे। निषाद पार्टी इसी विचार पर निर्भर है।" निषाद ने कहा कि उन्होंने कांशीराम के साथ लंबे समय तक काम किया है और सामाजिक बदलाव की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।

युवाओं को आगे लाने पर जोर

संजय निषाद ने कहा कि सामाजिक बदलाव एक दिन में नहीं आता और इसके लिए लंबे समय तक काम करना पड़ता है। उन्होंने युवाओं को इस बदलाव का प्रमुख माध्यम बताया। उन्होंने आगे कहा कि युवाओं को प्रशिक्षित करना और उन्हें अवसर देना उनकी प्राथमिकता है। उनके मुताबिक, युवा नेतृत्व के जरिए ही लंबे समय से चली आ रही सामाजिक असमानताओं को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

आकाश आनंद के अगले कदम पर टिकी नजरें

मायावती के फैसले के बाद आकाश आनंद को लेकर यूपी की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब संजय निषाद की ओर से मिले इस खुले ऑफर ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को और दिलचस्प बना दिया है। हालांकि, आकाश आनंद की ओर से निषाद पार्टी के प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में उनकी अगली राजनीतिक भूमिका पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।