
Uttar Pradesh Politics News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को रायबरेली से पीडीए रथयात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। इसे लेकर उत्तर प्रदेश के मंत्री दयाशंकर सिंह ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव खुद पीडीए को लेकर भ्रमित हैं और समय-समय पर इसकी अलग-अलग व्याख्या करते हैं। दयाशंकर सिंह ने कहा कि कभी PDA को पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक बताया जाता है तो कभी पंडित कहा जाता है। उन्होंने पीडीए को सिर्फ एक नारा बताते हुए इसे समाजवादी पार्टी की सोच नहीं बताया।
सपा प्रवक्ता शौकत अली ने PDA रथ यात्रा को विधानसभा चुनाव की तैयारी से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि यह रथ पिछड़े, दलित, शोषित, वचितों को संदेश देने जा रहा है कि इस जालिम सरकार को, इस आततायी सरकार को, यह जिस तरीके से किसानों के ऊपर अत्याचार कर रही है, महिलाओं पर जिस तरह अपराध बढ़ता चला जा रहा है, नौजवानों पर लाठियां चलाने का काम किया है, छात्रों को बर्बाद करने का काम किया, उनकी शिक्षा छीनने का काम किया, उन सब के जवाब में आज पीडीए समाज की रथ यात्रा पूरे प्रदेश में संदेश देगी। इस संदेश से समाजवादी पार्टी सरकार बनाने का काम करेगी।
सपा प्रवक्ता शौकत अली ने अखिलेश यादव के विरोध में लगाए गए पोस्टर को लेकर भी बीजेपी और सरकार पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के और सरकार के लोग जानबूझ के समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को बदनाम करने के लिए सरकारी पैसे का दुरुपयोग कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की जनता टैक्स देती है कि उत्तर प्रदेश का विकास हो और उसी पैसे का दुरुपयोग करके यह लोग विपक्ष को बदनाम करने का काम कर रहे हैं।
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने PDA रथ यात्रा की शुरुआत रायबरेली के बछरावां से किए जाने की वजह बताई। जिस तरह से पिछड़ों के साथ उत्तर प्रदेश में अन्याय हो रहा है। केवल उनके साथ अन्याय नहीं हो रहा, केवल उनका आरक्षण का हक नहीं खाया जा रहा, उनको अपमानित भी किया जा रहा है। जिस तरह से रायबरेली की घटना सामने आई, जिसमें हमारे पिछड़ी जाति के विधायक को भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर प्रशासन द्वारा उनको अपमानित किया गया। इसलिए अखिलेश यादव ने यह निर्णय लिया कि पीडीए रथ यात्रा की शुरुआत रायबरेली से ही होगी।