
UP Politics Jantar Mantar: समाजवादी पार्टी के नेता फखरुल हसन चांद ने सीजेपी प्रवक्ता की सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से हुई मुलाकात को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि सीजेपी के प्रवक्ता ने अखिलेश यादव से मुलाकात जरूर की थी, लेकिन इस मुलाकात का उद्देश्य किसी राजनीतिक फैसले या नए समीकरण पर चर्चा करना नहीं था। उनके मुताबिक मुलाकात मुख्य रूप से धन्यवाद और आभार व्यक्त करने के लिए हुई थी।
फखरुल हसन चांद ने कहा कि देशव्यापी युवा आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर समाजवादी पार्टी की ओर से जिस तरह समर्थन दिया गया और सदन के भीतर भी लगातार इस मुद्दे को उठाया गया, उसी के लिए आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से सीजेपी के प्रवक्ता ने सपा अध्यक्ष से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात को किसी अन्य राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
सपा नेता ने स्पष्ट किया कि अखिलेश यादव और सीजेपी प्रवक्ता के बीच हुई मुलाकात को लेकर किसी तरह की अटकल लगाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मुलाकात का मुख्य उद्देश्य समाजवादी पार्टी की ओर से युवा आंदोलन को दिए गए समर्थन के प्रति धन्यवाद व्यक्त करना था। उनके मुताबिक जंतर-मंतर पर हुए देशव्यापी युवा आंदोलन के दौरान समाजवादी पार्टी ने युवाओं के मुद्दों को समर्थन दिया था। इसके अलावा पार्टी ने सदन में भी इस विषय को लगातार उठाया। इसी भूमिका के लिए आभार जताने के मकसद से यह मुलाकात हुई।
फखरुल हसन चांद ने अपने बयान में जंतर-मंतर पर हुए युवा आंदोलन का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने आंदोलन से जुड़े मुद्दों को समर्थन देने के साथ ही उन्हें राजनीतिक और संसदीय स्तर पर भी उठाने का प्रयास किया। सपा नेता के मुताबिक युवाओं से जुड़े मुद्दों को सदन में लगातार उठाना पार्टी की राजनीतिक भूमिका का हिस्सा रहा है। ऐसे में सीजेपी प्रवक्ता की अखिलेश यादव से मुलाकात को इसी संदर्भ में धन्यवाद देने की कवायद के तौर पर देखा जाना चाहिए।
फखरुल हसन चांद ने यह भी साफ किया कि समाजवादी पार्टी सीजेपी से जुड़े किसी अन्य मुद्दे या उसके राजनीतिक फैसलों पर टिप्पणी नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से केवल उतनी ही बात कही जा रही है, जितनी इस मुलाकात के संदर्भ में जरूरी है। उनका बयान ऐसे समय आया है जब विभिन्न राजनीतिक गतिविधियों और नेताओं की मुलाकातों को लेकर अटकलों का दौर जारी रहता है। ऐसे में सपा की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि अखिलेश यादव और सीजेपी प्रवक्ता की मुलाकात को किसी बड़े राजनीतिक निर्णय या गठजोड़ से जोड़ना उचित नहीं होगा।
सपा नेता ने दोहराया कि मुलाकात का उद्देश्य सीमित और स्पष्ट था। उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी ने जिस तरह देशव्यापी युवा आंदोलन को अपना समर्थन दिया और सदन में संबंधित मुद्दों को उठाया, उसके लिए धन्यवाद देने के लिए यह मुलाकात हुई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मुलाकातों को लेकर अक्सर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो जाती हैं, लेकिन हर मुलाकात को राजनीतिक निर्णय या गठबंधन से जोड़ना सही नहीं है। इस मामले में भी पार्टी का कहना है कि मुलाकात को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए, जिसमें वह हुई थी।
समाजवादी पार्टी लंबे समय से युवाओं से जुड़े रोजगार, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे मुद्दों को राजनीतिक विमर्श में प्रमुखता से उठाती रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि युवाओं से जुड़े सवालों को केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित रखने के बजाय सदन में भी मजबूती से उठाया जाना चाहिए।
फखरुल हसन चाँद के बयान में भी इसी राजनीतिक भूमिका का उल्लेख सामने आया। उन्होंने कहा कि देशव्यापी युवा आंदोलन के दौरान पार्टी ने समर्थन देने के साथ ही सदन में भी मुद्दे को उठाया था। इसी कारण सीजेपी प्रवक्ता ने अखिलेश यादव से मुलाकात कर आभार जताया।
सीजेपी के अन्य राजनीतिक फैसलों को लेकर पूछे गए सवालों पर सपा नेता ने टिप्पणी करने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी किसी अन्य मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। इससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी फिलहाल इस मुलाकात को केवल धन्यवाद और आभार के संदर्भ में ही रखना चाहती है। राजनीतिक तौर पर नेताओं और संगठनों के बीच होने वाली मुलाकातों पर चर्चा होना सामान्य है, लेकिन सपा की ओर से दिए गए बयान में किसी नए राजनीतिक समीकरण की पुष्टि नहीं की गई है। पार्टी ने मुलाकात के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए इसे एक सीमित संवाद बताया है।
सपा नेता के बयान को मुलाकात को लेकर उठ रही संभावित अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सीजेपी प्रवक्ता की अखिलेश यादव से मुलाकात हुई थी, लेकिन इसका उद्देश्य धन्यवाद देना था।