
समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय सम्मेलन में अखिलेश यादव को तीसरी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर अपने नेताओं और कार्यकताओं का आभार जताते हुए उन्होंने कहाकि, हम लोहियावादी व अंबेडकर वादियों को साथ लाकर आगे बढ़ेंगे। बस लाइन के एक शब्द अंबेडकर वादियों ने बसपा सुप्रीमो मायावती को भड़का दिया। इसके बाद मायावती ने समाजवादी पार्टी और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला। मायावती ने कहाकि, इनका दलित व पिछड़ा वर्ग प्रेम मुंह में राम बगल में छुरी को ही चरितार्थ करता है।
अखिलेश यादव पर तंज कसा
सपा और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को देर शाम अपने ट्वीट पर लिखा कि, समाजवादी पार्टी द्वारा अपने चाल, चरित्र, चेहरा को ’अम्बेडकरवादी’ दिखाने का प्रयास वैसा ही ढोंग, नाटक व छलावा है जैसा कि वोटों के स्वार्थ की ख़ातिर अन्य पार्टियाँ भी अक्सर यहाँ ऐसा करती रहती हैं। इनका दलित व पिछड़ा वर्ग प्रेम मुंह में राम बग़ल में छुरी को ही चरितार्थ करता है।
सपा का पूरा इतिहास डा. अम्बेडकर विरोधी
बसपा सुप्रीमो मायावती ने आगे लिखा कि, वास्तव में परमपूज्य डा. भीमराव अम्बेडकर के संवैधानिक व मानवतावादी आदर्शों को पूरा करके देश के करोड़ों गरीबों, दलितों, पिछड़ों, उपेक्षितों आदि का हित, कल्याण व उत्थान करने वाली कोई भी पार्टी व सरकार नहीं है और सपा का तो पूरा इतिहास ही डा. अम्बेडकर व बहुजन विरोधी रहा है।
सपा शासनकाल में अम्बेडकर अनुयाइयों पर अत्याचार हुए
मायावती ने आगे लिखा कि, सपा शासनकाल में बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर के अनुयाइयों की घोर उपेक्षा हुई व उनपर अन्याय-अत्याचार होते रहे। महापुरुषों की स्मृति में बीएसपी सरकार द्वारा स्थापित नए जिले, विश्वविद्यालय, भव्य पार्क आदि के नाम भी जातिवादी द्वेष के कारण बदल दिए गए। क्या यही है सपा का डा अम्बेडकर प्रेम?