अखिलेश यादव इतनी सावधानी बरत रहे हैं कि मुलाकात से पहले सभी के मोबाइल फोन तक भी जमा करा लिए गए...
लखनऊ. बीते दिनों चाचा शिवपाल का मोर्चा बनाना और फिर नई पार्टी का गठन करना, कहीं न कहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को परेशान कर रहा है। शिवपाल द्वारा समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाने के बाद से ही अखिलेश यादव अपनी पार्टी के गढ़ को बचाने की कोशिश में जुट गए थे। वहीं अब शिवपाल की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया को लेकर भी अखिलेश बेहद सतर्क हैं। वह अंदर ही अंदर अपनी और सपा की जड़ों को मजबूत करने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। दरअसल अखिलेश यह बात बहुत अच्छे से जानते हैं कि सपा के गढ़ में चाचा शिवपाल का अच्छा प्रभाव है। इसलिए वह किसी भी कीमत पर शिवपाल को उन इलाकों में हावी नहीं होने देना चाहते।
सपा के गढ़ को बचाने में जुटे अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने गढ़ को बचाने के लिए इन दिनों विशेष एक्सरसाइज करने में लगे हैं। वह विशेष अभियान के तहत समाजवादी पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं। दरअसल समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनने के बाद से ही अखिलेश यादव की मुख्य चिंता शिवपाल यादव के विशेष प्रभाव वाले इलाकों इटावा, मैनपुरी, औरैया, इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज और फिरोजाबाद में समाजवादी पार्टी की मजबूत स्थिति बरकरार रखना है। अखिलेश यादव किसी भी कीमत पर इन सीटों से सपा की पकड़ कमजोर नीं होने देना चाहते। इसीलिए वह कार्यकर्ताओं से बेहद गोपनीय मुलाकात भी कर रहे हैं।
कार्यकर्ताओं से गुपचुप मुलाकात
कार्यकर्ताओं से मिलते समय अखिलेश यादव इतनी सावधानी बरत रहे हैं कि मुलाकात से पहले सभी के मोबाइल फोन तक भी जमा करा लिए गए। जिससे कार्यकर्ताओं से अखिलेश यादव की मुलाकात से जुड़ी कोई भी बात बाहर न जाने जाए। इस दौरान अखिलेश यादव मीडिया से भी दूरी बनाए हुए हैं। अखिलेश यादव खुद अपने चाचा शिवपाल की पार्टी और उनके मोर्चे की सारी रिपोर्ट से ले रहे हैं। मंगलवार को भी इटावा में कई लोगों से मिलने और उनका फीडबैक लेने के बाद वह लखनऊ लौट आए।
धर्मेन्द्र और तेजू अखिलेश यादव के खास दूत
जानकारी के मुताबिक अखिलेश यादव के इस अभियान में सांसद धर्मेंद्र यादव और तेज प्रताप सिंह तेजू उनके सबसे विश्वसनीय साथी हैं। सूत्रों की अगर मानें तो धर्मेंद्र यादव और तेज प्रताप सिंह तेजू कार्यकर्ताओं से टोह लेकर अखिलेश यादव को बता रहे हैं कि शिवपाल यादव के विशेष प्रभाव वाले जिलों में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन पर क्या प्रभाव पड़ेगा। यह दोनों इन इलाकों में समाजवादी पार्टी को मजबूत करने की भी रणनीति बना रहे हैं। अखिलेश यादव इन दोनों के सुझावों के बाद ही सपा को लेकर अपनी कोई फाइनल रणनीति तैयार करेंगे, जिससे चाचा शिवपाल इन इलाकों में सपा को कोई नुकसान न पहुंचा पाएं।