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UP Politics: यूपी में फिर सुनाई देगी ‘बहनजी’ की हुंकार, मायावती का होगा ‘ग्राउंड टेस्ट’ शुरू, दो जिलों पर पैनी नजर!

UP Politics: उत्तर प्रदेश के दो जिलों में बसपा आगामी दिनों में बड़ी जनसभाएं करेगी। बहुजन समाज पार्टी अयोध्या और अकबरपुर से शक्ति प्रदर्शन करेगी।

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लखनऊ

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Harshul Mehra

Jun 12, 2026

mayawati ground test begins bsp to hold two public meetings in ayodhya and akbarpur up politics

यूपी में चुनावी मोड में बसपा, अयोध्या और अकबरपुर से करेगी शक्ति प्रदर्शन।Image Source - 'FB' @bsp4up

UP Politics: बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर अपनी सक्रियता तेज कर दी है। पार्टी अब संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने के लिए बड़े जनसंपर्क अभियानों की शुरुआत करने जा रही है। इसी रणनीति के तहत बसपा 22 और 23 जून को अयोध्या और अकबरपुर में दो बड़ी जनसभाओं का आयोजन करेगी। इन दोनों कार्यक्रमों को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल संबोधित करेंगे।

जून से चुनावी तैयारियों की शुरुआत

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने पहले ही जून माह से चुनावी तैयारियों का औपचारिक आगाज करने की योजना बनाई थी। इसी कड़ी में इन दोनों जनसभाओं को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। BSP का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को सक्रिय करने और जनता के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए बड़े कार्यक्रमों की आवश्यकता है। यही वजह है कि पार्टी ने अयोध्या और अकबरपुर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को इस अभियान की शुरुआत के लिए चुना है।

वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रहेगी खास

पार्टी सूत्रों के मुताबिक दोनों जनसभाओं में BSP के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और संगठन के प्रमुख नेता शामिल होंगे। इसके अलावा जिन विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी ने प्रभारी नियुक्त किए हैं, उन्हें भी मंच पर प्रमुखता से स्थान दिया जाएगा। माना जा रहा है कि इनमें से कई नेताओं को आगामी चुनाव में संभावित प्रत्याशी के रूप में भी प्रस्तुत किया जा सकता है।

बसपा नेतृत्व का उद्देश्य इन जनसभाओं के जरिए कार्यकर्ताओं को चुनावी संदेश देना और संभावित उम्मीदवारों को जनता के बीच पहचान दिलाना है।

दूसरे दलों के नेताओं को भी साधने की तैयारी

सूत्रों का कहना है कि BSP इन कार्यक्रमों के दौरान राजनीतिक विस्तार की रणनीति पर भी काम कर रही है। पार्टी अन्य दलों के कुछ नेताओं को अपने साथ जोड़ने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि हाल ही में समाजवादी पार्टी में शामिल हुए एक पूर्व सांसद को भी बसपा में लाने की कोशिशें जारी हैं। अगर ऐसा होता है तो जनसभाओं के दौरान कुछ बड़े राजनीतिक चेहरे पार्टी का दामन थाम सकते हैं।

विश्वनाथ पाल की भूमिका बनी अहम

अयोध्या और अकबरपुर में जनसभाएं आयोजित करने के पीछे एक बड़ा कारण प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल का इन क्षेत्रों में मजबूत जनाधार भी माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों के दौरान उन्होंने इन जिलों में कई संगठनात्मक कार्यक्रमों का नेतृत्व किया है। इन अभियानों के माध्यम से हजारों लोगों को बसपा की सदस्यता दिलाई गई थी।

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के भीतर माना जा रहा है कि संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं को जोड़ने में उनकी सक्रिय भूमिका के चलते बसपा सुप्रीमो मायावती का उन पर भरोसा और मजबूत हुआ है। यही कारण है कि इन महत्वपूर्ण जनसभाओं की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई है।

संगठन मजबूत करने पर फोकस

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बसपा फिलहाल संगठन को मजबूत करने और अपने पारंपरिक वोट बैंक को फिर से सक्रिय करने की दिशा में काम कर रही है। अयोध्या और अकबरपुर की जनसभाएं केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के चुनावी अभियान का शुरुआती संकेत भी मानी जा रही हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए बसपा यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि वह आगामी चुनावी मुकाबले में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर चुकी है।