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Mayawati Mission 2027: मायावती ने आकाश आनंद को दिया आशीर्वाद, बसपा ने 2027 चुनावी रणनीति पर मंथन किया

Mayawati Bsp Meeting Lucknow : लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती की अध्यक्षता में बड़ी रणनीतिक बैठक शुरू हुई। बैठक में 2027 विधानसभा चुनाव, संगठन विस्तार और गठबंधन की संभावनाओं को लेकर गहन मंथन किया गया।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

May 24, 2026

बसपा कार्यालय में जुटे प्रदेशभर के पदाधिकारी, गठबंधन और संगठन विस्तार पर भी चर्चा (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

बसपा कार्यालय में जुटे प्रदेशभर के पदाधिकारी, गठबंधन और संगठन विस्तार पर भी चर्चा (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Mayawati Meeting: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज होती जा रही है। इसी बीच बहुजन समाज पार्टी ने भी चुनावी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। राजधानी लखनऊ स्थित बसपा कार्यालय में रविवार को पार्टी की एक अहम रणनीतिक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता बसपा सुप्रीमो Mayawati ने की। इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, प्रदेशभर के जिला अध्यक्षों, मंडल कोऑर्डिनेटरों और महानगर अध्यक्षों को बुलाया गया। बैठक को 2027 विधानसभा चुनाव के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैठक में राष्ट्रीय महासचिव Satish Chandra Mishra, Akash Anand, प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल और आनंद कुमार समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। पार्टी संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने और आगामी चुनावी रणनीति को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बसपा कार्यालय में सुबह से जुटने लगे पदाधिकारी

रविवार सुबह से ही राजधानी लखनऊ स्थित बसपा कार्यालय में नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाजाही तेज हो गई थी। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से जिला अध्यक्ष, कोऑर्डिनेटर और संगठन से जुड़े पदाधिकारी बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे। पार्टी कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी दिखाई दी।

सुबह करीब 11 बजे बैठक की औपचारिक शुरुआत हुई। मंच पर मायावती के पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। बैठक शुरू होने के बाद बसपा सुप्रीमो के भतीजे आकाश आनंद ने मंच पर पहुंचकर मायावती के पैर छुए और उनका आशीर्वाद लिया। इस दृश्य को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह तस्वीर बसपा के भीतर आकाश आनंद की सक्रिय भूमिका और भविष्य की राजनीति को लेकर बड़ा संकेत मानी जा रही है।

मिशन 2027 को लेकर रणनीति तैयार

बैठक का मुख्य फोकस 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर रहा। सूत्रों के अनुसार मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों से जमीनी स्थिति की जानकारी ली और विभिन्न जिलों की राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की।

बताया जा रहा है कि बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और सामाजिक समीकरणों को साधने पर विशेष जोर दिया गया। मायावती ने पदाधिकारियों से कहा कि पार्टी को फिर से मजबूत जनाधार दिलाने के लिए गांव-गांव और मोहल्लों तक सक्रिय होना होगा। बसपा नेतृत्व इस बार चुनावी रणनीति को लेकर बेहद गंभीर नजर आ रहा है। पिछले चुनावों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद पार्टी अब संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में जुटी हुई है।

पिछली बैठकों के निर्देशों की समीक्षा

बैठक में केवल नई रणनीति पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों की समीक्षा भी की गई। मायावती ने विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों से पूछा कि संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान को लेकर क्या प्रगति हुई है।

सूत्रों के मुताबिक कई जिलों की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा हुई और कमजोर क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि आगामी चुनाव से पहले हर बूथ और सेक्टर स्तर तक संगठन पूरी तरह सक्रिय हो जाए।

गठबंधन पर भी नजर, लेकिन अकेले चुनाव का संकेत बरकरार

उत्तर प्रदेश की राजनीति में लगातार गठबंधन की चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में बसपा की इस बैठक में गठबंधन को लेकर भी मंथन होने की चर्चा रही। हालांकि मायावती पहले ही कई बार यह साफ कर चुकी हैं कि बसपा अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बसपा फिलहाल अपने संगठन को मजबूत करने और स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है। हालांकि राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी भविष्य में कोई बड़ा फैसला भी ले सकती है। बैठक के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि जनता के बीच पार्टी की मौजूदगी को और मजबूत कैसे किया जाए और दलित, पिछड़े तथा अन्य वर्गों में पार्टी का जनाधार कैसे बढ़ाया जाए।

आकाश आनंद की सक्रियता पर बढ़ी चर्चा

बसपा की इस बैठक में सबसे ज्यादा ध्यान आकाश आनंद की सक्रियता पर भी रहा। मंच पर मायावती के पैर छूने और उनके साथ लगातार मौजूद रहने को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। पिछले कुछ समय से आकाश आनंद को पार्टी में अहम जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। बसपा समर्थकों का मानना है कि युवा नेतृत्व को आगे लाकर पार्टी नई ऊर्जा के साथ राजनीति में वापसी करना चाहती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बसपा अब युवाओं और सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है और आकाश आनंद इस रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जा रहे हैं।

संगठन विस्तार पर विशेष जोर

बैठक में प्रदेशभर में संगठन विस्तार को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। बसपा नेतृत्व चाहता है कि प्रत्येक जिले में सक्रिय कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़े और पार्टी की पहुंच गांव-गांव तक मजबूत हो। सूत्रों के अनुसार, मायावती ने पदाधिकारियों से साफ कहा कि केवल बैठकों से काम नहीं चलेगा, बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनना होगा। पार्टी कार्यकर्ताओं को सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए।

राजनीतिक समीकरणों पर पैनी नजर

उत्तर प्रदेश में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच बसपा अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी हुई है। भाजपा, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए बसपा भी अब पूरी तरह चुनावी मोड में दिखाई दे रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव बसपा के लिए बेहद अहम होंगे। ऐसे में पार्टी अभी से रणनीतिक बैठकों और संगठनात्मक मजबूती पर जोर दे रही है।

कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का प्रयास

बसपा की इस बैठक का एक बड़ा उद्देश्य कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरना भी माना जा रहा है। लंबे समय से शांत नजर आ रही पार्टी अब लगातार बैठकों और कार्यक्रमों के जरिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में जुटी हुई है। बैठक में मौजूद कई पदाधिकारियों ने दावा किया कि बसपा आने वाले समय में बड़े स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाएगी और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी।

2027 से पहले राजनीतिक संदेश

लखनऊ में आयोजित इस बैठक को केवल संगठनात्मक बैठक नहीं बल्कि बड़ा राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। मायावती ने एक बार फिर यह संकेत देने की कोशिश की है कि बसपा 2027 के चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। फिलहाल, बसपा कार्यालय में हुई इस बैठक ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में पार्टी की रणनीति और राजनीतिक गतिविधियां किस दिशा में जाती हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।