
सपा शासन में लगी थी सांसद के शस्त्र लाइसेंस पर आपत्ति, योगी सरकार में मांगा शस्त्र
हाथरस। शस्त्र लाइसेंस से रोक हटी तो माननीय भी शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए दौड़ लगाने लगे। हाथरस के भाजपा सांसद राजेश दिवाकर और पत्नी श्वेता चौधरी ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया तो विरोधी खेमे में खलबली मच गई। भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजेश दिवाकर ने इससे पहले शस्त्र लाइसेंस का आवेदन सपा शासनकाल में किया था, लेकिन उस समय उनके लाइसेंस पर आपत्ति लगाई गई। सांसद द्वारा शस्त्र लाइसेंस का आवेदन करना चर्चाओं में है कि उन्हें आखिरकार अपनी ही सरकार में किससे खतरा हो गया, जो शस्त्र के लिए आवेदन किया। शस्त्र लाइसेंस की दौड़ में पुलिसकर्मी और लेखपाल भी शामिल हैं।
सैकड़ों आवेदन आए
जनपद में शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया पिछले महीने शुरू हुई। अब तक एक हजार लाइसेंस के लिए आवेदन आए हैं, इनमें से दो दर्जन के करीब वारिसान से संबंधित है। सिकंदराराऊ की एसडीएम अंजुम बी और सादाबाद के तहसीलदार ठाकुर प्रसाद ङ्क्षसह भी रिवाल्वर/पिस्टल के लिए आवेदन कर चुके हैं।
सांसद की पत्नी हैं एनसीसी कैडेंट
भाजपा सांसद राजेश दिवाकर की पत्नी श्वेता चौधरी 12वीं में एनसीसी कैडेट रही हैं और उनके पास बी-सर्टिफिकेट है। ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने पिस्टल, राइफल चलाने की दक्षता ली। सांसद की पत्नी श्वेता चौधरी का मानना है वे शहर से बाहर भी रहती हैं और सुरक्षा भी नहीं होती है। इसलिए उन्होंने पिस्टल का आवेदन किया है। सांसद राजेश दिवाकर का कहना है कि उन्होंने साढ़े तीन साल पहले भी राइफल के लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। तब लाइसेंस नहीं बन सका था। अब लाइसेंस के लिए फिर से आवेदन किया है।
Published on:
07 Nov 2018 08:24 am
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