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CJP Protest: लखनऊ में ‘Cockroach Janta Party’ का बड़ा प्रदर्शन आज, इको गार्डन पहुंचेंगे अभिजीत दीपके, छात्रों का आक्रोश चरम पर

Cockroach Janta Party Protest in Lucknow: नीट पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में सीजेपी का बड़ा प्रदर्शन आज लखनऊ के इको गार्डन में होगा। संस्थापक अभिजीत दीपके भी शामिल होकर छात्रों की आवाज बुलंद करेंगे।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Jun 12, 2026

लखनऊ में CJP का बड़ा प्रदर्शन आज, इको गार्डन में जुटेंगे छात्र-युवा; अभिजीत दीपके 11:30 बजे पहुंचेगे  धरना स्थल  (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group) 

लखनऊ में CJP का बड़ा प्रदर्शन आज, इको गार्डन में जुटेंगे छात्र-युवा; अभिजीत दीपके 11:30 बजे पहुंचेगे  धरना स्थल  (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group) 

Cockroach Janta Party Protest in Lucknow: नीट परीक्षा पेपर लीक और विभिन्न भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं के खिलाफ राजधानी लखनऊ में आज बड़ा छात्र आंदोलन देखने को मिल सकता है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा इको गार्डन में आयोजित किए जा रहे विरोध प्रदर्शन को आखिरकार प्रशासन की अनुमति मिल गई है। इसके बाद संगठन और छात्र समूहों में उत्साह का माहौल है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी लखनऊ पहुंच चुके हैं और उन्होंने घोषणा की है कि वह सुबह करीब 11:30 बजे इको गार्डन पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होंगे।

पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन को लेकर अभियान चलाया जा रहा था। कॉकरोच जनता पार्टी और छात्र संगठनों द्वारा युवाओं से बड़ी संख्या में इको गार्डन पहुंचने की अपील की गई थी। आंदोलन का मुख्य मुद्दा नीट पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य से जुड़े सवाल हैं। आयोजकों का दावा है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है।

अनुमति को लेकर बना रहा संशय

प्रदर्शन की घोषणा के बाद शुरुआती दौर में प्रशासन की ओर से अनुमति को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई थी। पुलिस का कहना था कि आयोजनकर्ताओं द्वारा आवेदन तो किया गया था, लेकिन कई जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई थीं। आयोजन से जुड़ी कुछ जानकारियां भी समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई थीं, जिसके चलते आवेदन पर आपत्ति दर्ज की गई थी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आयोजनकर्ता पक्ष से संपर्क करने में भी दिक्कतें सामने आई थीं। इसी वजह से शुरुआती स्तर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। हालांकि बाद में आयोजकों और प्रशासन के बीच बातचीत हुई और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यक्रम को मंजूरी दे दी गई। अनुमति मिलने के बाद अब प्रदर्शन तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा।

रात में लखनऊ पहुंचे अभिजीत दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके गुरुवार रात , शुक्रवार तड़के लखनऊ पहुंचे। उनकी फ्लाइट रात करीब 2:20 बजे चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी। एयरपोर्ट पर उनके आगमन को देखते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियों की विशेष निगरानी रही। सुरक्षा के मद्देनजर एयरपोर्ट परिसर के भीतर और बाहर पुलिस बल तैनात दिखाई दिया।

अभिजीत दीपके नीले रंग की "इंडिया" लिखी टी-शर्ट में नजर आए। उनके साथ कुछ सहयोगी भी मौजूद थे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वे छात्रों की आवाज बुलंद करने और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर लखनऊ आए हैं। उन्होंने कहा कि देश के लाखों छात्र इस समय खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और उनके मन में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

'11:30 बजे पहुंचूंगा धरना स्थल'

लखनऊ पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके ने कहा कि वह सुबह 11:30 बजे तक इको गार्डन पहुंच जाएंगे और प्रदर्शन में शामिल होकर छात्रों के साथ अपनी एकजुटता दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि देश का संविधान हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार देता है। छात्र यदि अपने भविष्य और अधिकारों को लेकर सवाल पूछ रहे हैं तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी प्रकार की अव्यवस्था फैलाना नहीं बल्कि जिम्मेदार संस्थाओं का ध्यान छात्रों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना है।

दिल्ली और पुणे के प्रदर्शन का दिया उदाहरण

अभिजीत दीपके ने अपने पिछले आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि 6 जून को दिल्ली और 11 जून को पुणे में भी इसी तरह के प्रदर्शन आयोजित किए गए थे। दोनों जगह कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए और छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखीं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया था और किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा नहीं हुई। पुणे में भी युवाओं ने अनुशासित तरीके से अपनी बात रखी। उनका कहना है कि लखनऊ में भी वही मॉडल अपनाया जाएगा और प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा।

पेपर लीक को लेकर युवाओं में बढ़ रहा आक्रोश

पिछले कुछ समय में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर लगातार विवाद सामने आए हैं। विशेष रूप से नीट परीक्षा से जुड़े मामलों ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। कई छात्र संगठनों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने मेहनती छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है।

इसी मुद्दे को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। लखनऊ का यह प्रदर्शन भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में सुधार नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक छात्रों का भरोसा बहाल नहीं हो सकेगा।

AISA ने भी किया समर्थन

इस आंदोलन को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) का भी समर्थन मिला है। संगठन के नेताओं ने साफ कहा है कि छात्रों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उनकी लड़ाई जारी रहेगी। AISA के लखनऊ यूनिट अध्यक्ष शांतम निधि ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक संगठन का आंदोलन नहीं बल्कि उन लाखों छात्रों की आवाज है जो वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देते हैं और निष्पक्ष परिणाम की उम्मीद रखते हैं। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने वाले युवाओं से अनुशासन बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।

इको गार्डन बना आंदोलन का केंद्र

राजधानी लखनऊ का इको गार्डन लंबे समय से विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और छात्र आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रदेश भर से आने वाले संगठन अक्सर अपनी मांगों को लेकर यहां धरना-प्रदर्शन करते हैं। ऐसे में इको गार्डन एक बार फिर सुर्खियों में है।
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा। साथ ही खुफिया एजेंसियां भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखेंगी।

सोशल मीडिया पर चल रहा व्यापक अभियान

कॉकरोच जनता पार्टी ने इस प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक अभियान चलाया है। पार्टी के आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से लगातार वीडियो और संदेश जारी किए गए हैं। इनमें छात्रों और युवाओं से इको गार्डन पहुंचकर अपनी आवाज उठाने की अपील की गई है। अभिजीत दीपके के वीडियो संदेशों को भी बड़ी संख्या में लोगों ने देखा और साझा किया। सोशल मीडिया पर आंदोलन से जुड़े हैशटैग ट्रेंड करते रहे, जिससे इस प्रदर्शन को राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा मिली।

छात्रों की उम्मीदों का मंच

आयोजकों का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य की लड़ाई का हिस्सा है। उनका दावा है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।

प्रदर्शन में शामिल होने वाले कई छात्रों का मानना है कि यदि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले वर्षों में लाखों युवाओं का भरोसा कमजोर हो जाएगा। इसलिए यह आंदोलन केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है।

आज की गतिविधियों पर रहेगी सबकी नजर

अब सभी की निगाहें इको गार्डन में होने वाले इस प्रदर्शन पर टिकी हैं। प्रशासन, छात्र संगठन, राजनीतिक दल और आम नागरिक सभी इस घटनाक्रम को करीब से देख रहे हैं। अभिजीत दीपके के पहुंचने और विभिन्न छात्र संगठनों की भागीदारी से कार्यक्रम को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।

यदि बड़ी संख्या में छात्र और युवा इसमें शामिल होते हैं तो यह हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश की राजधानी में छात्रों से जुड़ा सबसे चर्चित प्रदर्शनों में से एक हो सकता है। फिलहाल इको गार्डन में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और आयोजक सुबह से ही प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने लगे हैं।

छात्र हितों की लड़ाई या बड़ा जन आंदोलन

नीट पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ यह विरोध अब एक बड़े छात्र आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। छात्रों का कहना है कि उनकी मेहनत, समय और भविष्य किसी भी व्यवस्था की लापरवाही की कीमत नहीं बन सकता। वहीं आयोजकों का दावा है कि यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

आज इको गार्डन में होने वाला प्रदर्शन केवल एक विरोध कार्यक्रम नहीं बल्कि उन लाखों छात्रों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करेगा जो निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि यह आंदोलन आने वाले दिनों में किस दिशा में आगे बढ़ता है और सरकार तथा संबंधित एजेंसियां छात्रों की मांगों पर क्या रुख अपनाती हैं।