
छात्रों को खाना खिलाने वाले जुनैद के घर UP पुलिस की छापेमारी (फोटो- पत्रिका)
Jantar Mantar Protest Mohammad Junaid News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों को मुफ्त में खाना-पानी देने वाले मोहम्मद जुनैद अब चर्चा का केंद्र बन गए हैं। कांग्रेस पार्टी ने जुनैद को अपना खुला समर्थन दिया है। पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सोमवार को जुनैद को अपने सरकारी आवास पर बुलाया। उन्होंने जुनैद को हर संभव मदद का भरोसा दिलाते हुए कहा कि पूरी कांग्रेस और विपक्ष उनके साथ खड़ा है और उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है।
जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान मोहम्मद जुनैद ने बिना किसी बड़े संगठन की मदद के प्रदर्शनकारियों को लगातार भोजन और पानी उपलब्ध कराना शुरू किया था। शुरुआत में जब कोई सामने नहीं आया तब जुनैद खुद खाना बनाने से लेकर उसे बांटने तक का काम करते रहे। इस दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ जिसके बाद वह प्रशासन की नजरों में आ गए।
वीडियो वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के नाहल गांव में जुनैद के पैतृक घर पर UP पुलिस ने अचानक छापा मारा। पुलिस ने उनके पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को हिरासत में ले लिया और घंटों तक पूछताछ की। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही थी कि खाने पीने की व्यवस्था के लिए जुनैद के पास पैसा कहां से आ रहा है। इस दौरान पुलिस ने परिवार से आधार कार्ड और बैंक डिटेल जैसे कई कागजात भी लिए। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया लेकिन जरूरत पड़ने पर आगे भी पूछताछ की बात कही गई।
जुनैद ने दिल्ली पुलिस को लेकर भी कई बड़े दावे किए हैं। उन्होंने मीडिया को बताया कि सादे कपड़ों में आए दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारियों ने उन्हें अचानक उठा लिया। जुनैद का आरोप है कि उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी गई और रात भर उनसे फंडिंग को लेकर पूछताछ की गई। पुलिस बार बार यही पूछ रही थी कि इस काम के लिए पैसा कहां से आ रहा है और उनके संपर्क में कौन कौन लोग हैं। जुनैद के मुताबिक पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें मसूरी में छोड़ दिया गया।
इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने जुनैद का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि जुनैद ने कुछ भी गलत नहीं किया है और लोगों को खाना खिलाना कोई गैर कानूनी काम नहीं है। प्रतापगढ़ी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इंसानियत के नाते सेवा करने वाले को हिरासत में लेना और परेशान करना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने सरकार से ऐसे लोगों को डराना बंद करने की अपील की और जुनैद को कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराने का वादा किया।
जुनैद केवल पुलिस कार्रवाई से ही नहीं बल्कि प्रदर्शन करने वाले CJP नेताओं से भी निराश हैं। उन्होंने अभिजीत दिपके और उनकी टीम पर नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। जुनैद ने भावुक होते हुए कहा कि वह 35 दिनों तक उनके साथ रहा लेकिन, प्रदर्शन खत्म होने के बाद उन लोगों ने उनसे बात तक नहीं की और न ही धन्यवाद कहा। अगर आप किसी जानवर को भी 24 घंटे अपने साथ रखते हैं तो आप उसकी देखभाल करने लगते हैं। मैं तो उनके साथ इंसान की तरह रहा, दिन-रात उनकी सेवा करता रहा। लेकिन उन्होंने मुझे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
Updated on:
27 Jul 2026 07:33 pm
Published on:
27 Jul 2026 07:33 pm
