लखनऊ

Akhilesh Yadav on PM Modi: अखिलेश यादव का पीएम मोदी पर हमला, बोले- ‘लाल किला झूठ बोलने की जगह नहीं’, 2027 में लागू करें महिला आरक्षण

PM Modi Independence Day Speech: अखिलेश यादव ने पीएम मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन पर निशाना साधते हुए महिला आरक्षण कानून को 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में लागू करने की मांग की। उन्होंने महंगाई, राशन, शिक्षा, तिरंगा और संविधान को लेकर भी भाजपा पर सवाल उठाए।
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Aug 15, 2026
Akhilesh Yadav Statement PM Modi Independence Day Speech Women Reservation Bill
सपा प्रमुख अखिलेश यादव का पीएम मोदी पर तंज (photo @samajwadiparty)

Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन को लेकर कई मुद्दों पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने खासतौर पर महिला आरक्षण कानून के जिक्र को लेकर सवाल उठाया। अखिलेश ने कहा कि लाल किले से देश को संबोधित करते समय तथ्यों का ध्यान रखा जाना चाहिए और वहां से ऐसी बात नहीं कही जानी चाहिए, जिसे लेकर पहले से कानून मौजूद है।

अखिलेश यादव ने कहा कि महिला आरक्षण से जुड़ा कानून संसद से वर्ष 2023 में ही पारित हो चुका है। ऐसे में अगर सरकार वास्तव में महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना चाहती है तो इसे जल्द लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ही महिला आरक्षण लागू किया जाए।

2027 के चुनाव में महिला आरक्षण लागू करने की मांग

सपा अध्यक्ष ने कहा कि महिला आरक्षण कानून लागू होने से बड़ी संख्या में उन महिलाओं को राजनीति में आगे आने का अवसर मिलेगा, जो लंबे समय से चुनाव लड़ने का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण लागू करने के लिए तैयार है। अखिलेश का यह बयान संसद से सितंबर 2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के संदर्भ में आया। इस कानून में लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। हालांकि, इसका प्रभाव तत्काल 2024 के लोकसभा चुनाव में नहीं दिखा।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर भी भाजपा को घेरा

अखिलेश यादव ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस को लेकर भी भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उससे जुड़े संगठन देश के विभाजन को लेकर जिस तरह का आयोजन करते हैं, उससे इतिहास को देखने का उनका नजरिया सामने आता है। सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा के लिए विभाजन एक तरह से जश्न का विषय है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भाजपा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतिहास में विभाजन के दौर की घटनाओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अखिलेश ने कहा कि देश संविधान के आधार पर चलता है और लोकतंत्र की मजबूती भी संविधान की मजबूती से जुड़ी है। उनके मुताबिक, सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों को संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए।

तिरंगा यात्राओं को लेकर भी साधा निशाना

अखिलेश यादव ने भाजपा के तिरंगा अभियानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कभी तिरंगे का सम्मान नहीं किया, वे आज तिरंगा यात्राएं निकाल रहे हैं। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रवाद को एक रंग का बताते हुए कहा कि सपा की सोच में देश की विविधता और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की भावना शामिल है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को ‘हर मन तिरंगा’ जैसा अभियान चलाना चाहिए, ताकि यह संदेश जाए कि देशभक्ति केवल किसी एक विचारधारा तक सीमित नहीं है।

राशन वितरण और प्रति व्यक्ति आय पर सरकार से सवाल

सपा अध्यक्ष ने सरकार के विकास और आर्थिक स्थिति से जुड़े दावों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश में प्रति व्यक्ति आय बढ़ने की बात की जाती है, वहीं दूसरी तरफ करोड़ों परिवारों को सरकारी राशन की जरूरत पड़ रही है। अखिलेश ने खासतौर पर उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में बड़े स्तर पर राशन का वितरण किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार को यह भी बताना चाहिए कि इतनी बड़ी आबादी को लगातार मुफ्त या सब्सिडी वाला राशन देने की जरूरत क्यों पड़ रही है।

महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर हमला

अखिलेश यादव ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों के साथ महंगाई के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि देश की आर्थिक स्थिति पर विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर पड़ रहा है, जिसका बोझ आम लोगों पर महंगाई के रूप में पड़ रहा है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। अखिलेश ने कहा कि विकसित देशों में शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा सुविधाओं और जरूरी दवाओं को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि भारत में इन क्षेत्रों से जुड़े कई सवाल अब भी बने हुए हैं।

स्कूल बंद होने के आंकड़ों का भी किया जिक्र

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरते हुए दावा किया कि राज्य में करीब 26 हजार स्कूल बंद किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे देश में लगभग एक लाख प्राथमिक विद्यालय बंद होने की बात सामने आई है। सपा प्रमुख ने कहा कि शिक्षा जैसी बुनियादी व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उनका कहना था कि सिर्फ आर्थिक विकास के आंकड़ों से देश की प्रगति का पूरा आकलन नहीं किया जा सकता। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आम लोगों के जीवन स्तर को भी देखा जाना जरूरी है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिए गए अपने बयान में अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण से लेकर संविधान, राष्ट्रवाद, महंगाई, राशन, शिक्षा और स्वास्थ्य तक कई मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। उनके बयानों से साफ है कि सपा आने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण और सामाजिक-आर्थिक मुद्दों को प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में है।

Updated on:
15 Aug 2026 07:18 pm
Published on:
15 Aug 2026 07:18 pm