
मायावती ने 2016 के बाद लखनऊ में कांशीराम परिनिर्वाण दिवस पर 9 साल बाद विशाल रैली आयोजित कर शक्ति प्रदर्शन किया। अबंडेकर मैदान में आयोजित रैली में उन्होंने अपने भतीजे आकाश के साथ मंच संभाला और वहां उपस्थित लाखों समर्थकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। रैली में बिहार, पंजाब, हरियाणा समेत पांच राज्यों से समर्थक पहुंचे। इस दौरान वह सपा पर हमलावर रहीं। उनके प्रहार का अखिलेश यादव ने शायराना अंदाज में जवाब दिया।
मायावती ने मंच से योगी सरकार की तारीफ की और कहा कि वर्तमान सरकार की आभारी हैं क्योंकि अंबेडकर पार्क में आने वाले लोगों से टिकटों का पैसा सपा सरकार की तरह दबाकर नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि बसपा के आग्रह पर पार्क की मरम्मत पर पूरा खर्च किया गया, जबकि सपा सरकार ने पार्क के रखरखाव पर एक पैसा भी खर्च नहीं किया।
मायावती अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव और सपा पर सीधे हमलावर नजर आईं। कहा-सपा को जब सत्ता में रहने का मौका मिलता है, तब इन्हें न तो PDA याद आता है, न ही बहुजन समाज के हितों की चिंता होती है। लेकिन जैसे ही कुर्सी हाथ से जाती है, ये खुद को सामाजिक न्याय का सबसे बड़ा ठेकेदार बताने लगते हैं। जनता अब इनके ऐसे दोगले और स्वार्थी रवैये को अच्छी तरह समझ चुकी है।
इस प्रहार का जवाब सपा सुप्रीमो ने शायराना अंदाज में दिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा,- क्योंकि ‘उनकी’ अंदरूनी सांठगांठ है जारी इसीलिए वो हैं ज़ुल्म करने वालों के आभारी।
संबोधन में कांग्रेस पर पहला निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर देश के संविधान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सद्धिांतों का अपमान किया था। कांग्रेस ने कभी भी डॉ. आंबेडकर और दलित समाज का सच्चा सम्मान नहीं किया। आज वही कांग्रेस नेता संविधान की कापी लेकर नाटकबाजी कर रही है।