
लखनऊ. बीते दिनों कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का नीजि चैनल द्वारा चुनाव आयोग से पहले ही ऐलान करने का मामला खूब छाया व विपक्षी दलों ने इसको लेकर भाजपा व चुनाव आयोग पर जमकर निशाान साधा। इसी के साथ ही सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के पेपर्स के लीक होने पर परिक्षार्थियों पर पड़ने वाले प्रेशर के मुद्दों को भी विपक्ष ने उठाया है व सरकार को घेरा है। इसमें बोर्ड ने दो पेपर्स की परीक्षा फिर से करवाने का निर्णय लिया है। आज समाजावादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इन मुद्दों पर सरकार पर हमला बोला है और कहा है कि यह सब व्यवस्था के गलत हाथों में चले जाने का परिणाम है।
अखिलेश ने किया ट्वीट-
उन्होंने सोशल मीडिया ट्विटर पर सरकार से सवाल करते हुए कहा कि चुनाव की तारीख़, संवेदनशील सूचनाएं व डेटा और लगातार लीक होते विभिन्न परीक्षाओं के पेपर्स दरअसल सरकार व व्यवस्था के गलत हाथों में चले जाने का परिणाम है। दोबारा इम्तिहान देकर दूसरों की गलती की सज़ा देश के बच्चे व युवा क्यों भुगतें और इसकी क्या गारंटी कि पेपर फिर से लीक नहीं होगा।
चुनाव आयोग ने जांच कमेटी का किया गठन-
चुनाव आयोग ने चुनाव की तारीख लीक होने के मामले की जांच के लिए जांच कमेटी गठित की है जो यह पता लगाएगी कि आखिर किसने इस जानकारी को मिडिया हाउस के आगे लीक किया। वैसे चुनाव आयोग की जांच ने तेजी पकड़ ली है। गठित समिति की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर ही चुनाव आयुक्त को देगी।
परीक्षार्थियों ने की सभी सब्जेक्ट के रीइग्जाम की मांग-
10वीं की मैथ और 12वीं की इकोनॉमिक्स की परीक्षा दोबोरा कराने के फैसले के खिलाफ अब छात्र एकजुट होने लगे हैं, वहीं आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों ने प्रदर्शन कर सीबीएसई बोर्ड से सिर्फ दो पेपर की बजाय सभी पेपर की परीक्षा दोबारा कराने की मांग की है।