UP Politics: राजधानी लखनऊ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कार्यक्रम पर कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से लगाई गई शर्तों पर अब सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इन पाबंदियों को लेकर प्रदेश सरकार की कड़ी आलोचना की है।
UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों जायके और जाति का ऐसा तड़का लगा है जिसने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग को तेज कर दिया है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भाजपा के भीतर चल रहे 'ब्राह्मण बनाम संगठन' विवाद को लपकते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश ने हालिया घटनाक्रमों को 'विनाशकाले विपरीत बुद्धि' बताते हुए कहा कि जो सरकार खाने-पीने और सामाजिक मेलजोल पर बंदिशें लगाती है वह अपनी कमजोरी छिपा रही है।
सपा प्रमुख ने ब्राह्मण समाज की ओर इशारा करते हुए कहा कि यूपी की अहंकारी सरकार जिस समाज के मान-सम्मान को चोट पहुंचा रही है वह वर्ग सब कुछ समझ रहा है। उन्होंने कहा उप्र की अहंकारी सरकार जिस समाज विशेष के मान की बांह मरोड़ रही है, वो बात उस समझदार समाज को समझ आ रही है। यहां तक कि उस समाज के जो लोग भाजपा सरकार में मंत्री, सांसद, विधायक, पार्षद या कहें किसी और तरह के जनप्रतिनिधि हैं, वो भी इस मामले में अपने समाज से मुंह छिपा रहे हैं लेकिन भाजपा की भट्टी पर अपने स्वार्थ की रोटी सेंकनेवाले ऐसे भाजपाई जनप्रतिनिधि, अपने ही समाज में सम्मान खो चुके हैं। जनता अगले चुनाव में उनको सबक सिखाएगी।
अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर हैंडल पर सरकार से चुभता हुआ सवाल पूछा है उन्होंने कहा - क्या कोविड-19 अभी भी चल रहा है?उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी विपक्षी दल या कोई समाज अपनी एकजुटता दिखाने के लिए बाटी-चोखा जैसा पारंपरिक आयोजन करता है तो प्रशासन कोविड प्रोटोकॉल या अन्य बंदिशों का हवाला देकर उसे रोक देता है। उन्होंने चुनौती दी कि सरकार प्रमाण दे कि भाजपा के अपने आयोजनों या भूमिगत बैठकों में इन नियमों का पालन कब हुआ।
दरअसल, लखनऊ जिला प्रशासन ने Swami Avimukteshwaranand के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर कड़ी गाइडलाइंस जारी की हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि मंच से किसी भी धर्म, जाति या भाषा के खिलाफ भड़काऊ भाषण नहीं दिया जाएगा। साथ ही बिना अनुमति जुलूस या शोभायात्रा निकालने पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा कार्यक्रम में कोविड से जुड़े नियमों का पालन करना भी अनिवार्य किया गया है, जिसमें मास्क पहनना शामिल है।