लखनऊ

2027 चुनाव से पहले अखिलेश यादव का बड़ा दावा, बोले- UP में फिर हो सकती है SIR, मतदाता सूची को लेकर रहें सतर्क

UP Assembly Election 2027: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में BSP, BJP और AIMIM के नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई। अखिलेश ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले संभावित SIR को लेकर लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
2 min read
Aug 29, 2026
Akhilesh Yadav
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (photo- x @samajwadiparty)

Akhilesh Yadav Statement: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगामी 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के संभावित विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर प्रदेश की जनता को अलर्ट किया है। अखिलेश ने आशंका जताई है कि इस प्रक्रिया के जरिए वोटर लिस्ट में बड़ा हेरफेर किया जा सकता है और वैध मतदाताओं के नाम काटे जा सकते हैं।

वोटर लिस्ट को लेकर जनता को किया आगाह

शनिवार को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में एक प्रेस-कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश के लोगों को आगाह करना चाहता हूं कि चुनाव से पहले भाजपा एक और SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) कराकर नई वोटर लिस्ट बनाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने बंगाल में भी वोटों की हेराफेरी करके चुनाव जीता था। अखिलेश ने यूपी के लोगों से अपील की कि वे भाजपा की साजिश और षड्यंत्रों से पूरी तरह सावधान रहें। गौरतलब है कि हाल ही में यूपी में हुए SIR में राज्य में कुल वोटरों की संख्या 15.44 करोड़ से घटकर 13.39 करोड़ रह गई है जिसमें करीब 2.04 करोड़ मतदाता कम हुए हैं।

महंगाई और कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने सिर्फ मतदाता सूची ही नहीं बल्कि महंगाई, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक संपत्तियों के मुद्दे पर भी योगी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज जरूरी चीजों और ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं लेकिन आम जनता की आमदनी में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। अखिलेश ने वादा किया कि अगर यूपी में सपा की सरकार बनती है तो समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया के सिद्धांतों पर चलते हुए महंगाई को नियंत्रित किया जाएगा।

JPNIC को निजी हाथों में सौंपने पर भड़के अखिलेश

लखनऊ में स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) के संचालन को निजी हाथों में सौंपने के फैसले पर अखिलेश ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जेपीएनआईसी समाजवादियों के लिए भावनात्मक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन सरकार जनता के पैसे से बनी सार्वजनिक संपत्तियों को बेच रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि सत्ता में लौटने पर उनकी सरकार इस पूरे सौदे की कड़ी जांच कराएगी।

संविधान की रक्षा और PDA का नया मतलब

पूर्व मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान ने ही हमें और आपको सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया है और अब इसकी रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। इसी दौरान अखिलेश ने अपनी पार्टी के नारे PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) को एक नया अर्थ भी दिया। उन्होंने कहा कि पीडीए में अब विरोध प्रदर्शन और कार्यकर्ता भी शामिल हैं। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे धैर्य और अनुशासन बनाए रखें। अखिलेश ने दावा किया कि अगर सब लोग मिलकर सकारात्मक कदम उठाएंगे तो 2027 में यूपी में पीडीए की सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता।

ये दिग्गज नेता हुए सपा में शामिल

इस मौके पर कई जाने-माने नेताओं ने सपा का दामन थामा। इनमें प्रतापगढ़ की रानीगंज सीट से 2007 में बसपा के विधायक रहे राम शिरोमणि शुक्ला और AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अब्दुल मन्नान प्रमुख रूप से शामिल हैं। वहीं पीलीभीत की बरखेड़ा सीट से पूर्व सपा विधायक और अखिलेश सरकार में राज्यमंत्री रहे हेमराज वर्मा ने भी BJP छोड़कर अपनी घर वापसी की है। इसके अलावा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा मौर्य और कई पूर्व ब्लॉक प्रमुख भी अपने भारी समर्थकों के साथ सपा में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और राजेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे।