लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्मार्ट सिटी योजना की मनाई तीसरी वर्षगांठ...
लखनऊ. केंद्र सरकार की अमृत प्लस योजना (अटल मिशन फॉर रेजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) से उत्तर प्रदेश के 60 शहरों को जोड़ा जाएगा। इस योजना का मकसद शहरी लोगों को स्वच्छ पेयजल, सीवर कनेक्शन के साथ ही ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार लाना है। राजधानी लखनऊ में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमृत योजना, स्मार्ट सिटी और आवास योजना की प्रदर्शनी देखी और लाभार्थियों से बात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जून 2015 को अमृत योजना का शुभारंभ किया था। सरकार ने मार्च 2020 तक 1.39 करोड़ वाटर कनेक्शन, बेहतर सीवरेज, स्टॉर्म जल निकासी परियोजना, पार्क और हरियाली के साथ एलईडी स्ट्रीटलाइट मुहैया कराने का वादा किया था।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि अमृत योजना से देश के कुल 500 शहरों को जोड़ा जाएगा, जिनमें यूपी के 60 शहरों को शामिल किया जाएगा। इस योजना में देश के उन शहरों को शामिल किया जाएगा, जिनकी आबादी 50 हजार से एक लाख की आबादी है। इस योजना के तहत सिलेक्टेड शहरों में पानी, सीवर, पार्क, सिटी ट्रांसपोर्ट और ड्रेनेज की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि शहरी दायरा हर साल 700 से 900 वर्ग किलोमीटर बढ़ता जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि हर साल हम शिकागो जैसा शहर बना सकें।
ऐसे होंगे अमृत योजना में चयनित शहर
स्मार्ट सिटी, अमृत प्लस योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के तीन साल पूरे होने पर राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि अमृत योजना के तहत 6500 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं। चुने गये शहरों में शहरी क्षेत्रों में दो लाख से अधिक घरों में पानी व सीवर कनेक्शन का काम तेजी से चल रहा है। इन शहरों में बेहतर स्ट्रीट लाइट देने के लिये 6.50 लाख एलईडी लाइटें लगाई जा चुकी हैं।
इन राज्यों को मिल चुका है पुरस्कार
अमृत योजना के में अब तक आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, उड़ीसा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, पुंडुचेरी और चंडीगढ़ राज्य शामिल हैं।