लखनऊ

दिवाली पर सरकार का एक और बड़ा तोहफा, 28 लाख कर्मचारियों-पेंशनरों के महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी

Yogi Adityanath: दीपावली से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में 3 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी है। अब भत्ता 55% से बढ़कर 58% होगा, जिससे 28 लाख कर्मचारियों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी
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Oct 17, 2025
राज्य सरकार उठाएगी मार्च 2026 तक ₹1960 करोड़ का अतिरिक्त भार, अक्टूबर से मिलेगा नकद भुगतान- जीवन स्तर सुधार और महंगाई से राहत की दिशा में बड़ा कदम (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
राज्य सरकार उठाएगी मार्च 2026 तक ₹1960 करोड़ का अतिरिक्त भार, अक्टूबर से मिलेगा नकद भुगतान- जीवन स्तर सुधार और महंगाई से राहत की दिशा में बड़ा कदम (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

Diwali Gift: दीपावली से ठीक पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को एक बड़ी सौगात दी है। सरकार ने राज्य कर्मियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय 01 जुलाई 2025 से प्रभावी होगा। इस बढ़ोतरी के साथ अब महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस निर्णय को “व्यापक जनहित में उठाया गया संवेदनशील कदम” बताया, जिससे न केवल लाखों परिवारों को राहत मिलेगी बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी नई ऊर्जा आएगी।

₹1960 करोड़ का अतिरिक्त बोझ उठाएगी सरकार

राज्य सरकार के अनुसार, इस निर्णय से मार्च 2026 तक लगभग ₹1960 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार राज्य खजाने पर पड़ेगा। इसके बावजूद सरकार ने इसे मंजूरी दी है ताकि महंगाई के दबाव से जूझ रहे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को वास्तविक राहत मिल सके।

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, केवल नवंबर 2025 में ही ₹795 करोड़ का अतिरिक्त नकद व्ययभार आएगा। इसके अलावा ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों के जीपीएफ (GPF) खातों में ₹185 करोड़ की राशि जमा की जाएगी। वहीं, जुलाई से सितंबर 2025 की एरियर अवधि के भुगतान पर ₹550 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

अक्टूबर से मिलेगा बढ़े हुए भत्ते का नकद भुगतान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बढ़े हुए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का नकद भुगतान अक्टूबर 2025 के वेतन व पेंशन में किया जाए। इससे कर्मचारियों और पेंशनरों को दीपावली से पहले सीधी आर्थिक राहत मिलेगी।

यह निर्णय राज्य के लगभग 28 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, निगम कर्मियों और पेंशनरों को प्रभावित करेगा। इनमें राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी, स्थानीय निकायों के कर्मचारी, शिक्षण संस्थानों के स्टाफ, विश्वविद्यालय कर्मी और सहायता प्राप्त संस्थानों के कर्मचारी शामिल हैं।

महंगाई से राहत और जीवन स्तर सुधार की दिशा में कदम

पिछले कुछ महीनों में महंगाई दर में हुई वृद्धि को देखते हुए कर्मचारियों में महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी की मांग तेज हो गई थी। केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में वृद्धि की घोषणा के बाद प्रदेश सरकार पर भी दबाव था कि वह राज्य कर्मचारियों के लिए समान राहत की घोषणा करे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों का जीवन स्तर सरकार के लिए प्राथमिकता का विषय है। महंगाई के इस दौर में उन्हें राहत प्रदान करना हमारी जिम्मेदारी है। यह निर्णय राज्य के वित्तीय अनुशासन को बनाए रखते हुए लिया गया है, जिससे किसी विकास परियोजना पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था तेजी से सुदृढ़ हो रही है और राजस्व में वृद्धि के चलते सरकार इस तरह के लोकहितकारी निर्णय सहज रूप से ले पा रही है।

राज्य कर्मियों में खुशी की लहर

महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह कदम स्वागत योग्य है। दीपावली से पहले यह घोषणा हर कर्मचारी परिवार के लिए खुशखबरी है। योगी सरकार ने संवेदनशीलता दिखाई है और कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया है। पेंशनभोगियों ने भी इस निर्णय को राहत देने वाला बताया। उनका कहना है कि बढ़ी हुई महंगाई राहत से उनके जीवन स्तर में कुछ सुधार होगा, विशेषकर चिकित्सा और दैनिक जरूरतों के खर्चों में राहत मिलेगी।

डीए में बढ़ोतरी से जुड़े प्रमुख तथ्य

  • लाभार्थी: लगभग 28 लाख कर्मचारी और पेंशनर
  • डीए/डीआर वृद्धि: 3 प्रतिशत
  • प्रभावी तिथि: 01 जुलाई 2025
  • नई दर: 55% → 58%
  • नकद भुगतान प्रारंभ: अक्टूबर 2025 से
  • नवंबर 2025 का अतिरिक्त व्यय: ₹795 करोड़
  • जीपीएफ में जमा राशि (ओपीएस कर्मी): ₹185 करोड़
  • जुलाई–सितंबर 2025 एरियर भार: ₹550 करोड़ से अधिक
  • मार्च 2026 तक कुल अतिरिक्त व्यय: ₹1960 करोड़
  • दिसंबर 2025 से मासिक अतिरिक्त भार: ₹245 करोड़
Updated on:
17 Oct 2025 08:17 am
Published on:
17 Oct 2025 07:27 am