Apar ID mandatory:राज्य में 12वीं तक के सभी निजी और सरकारी स्कूली छात्र-छात्राओं की ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी तैयार की जाएगी। शिक्षा महानिदेशालय ने सभी जिलों और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इसे लागू करने से विद्यार्थियों को कई लाभ मिलेंगे।
Apar ID mandatory:12वीं तक के सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार की जाएगी। उत्तराखंड के समस्त स्कूलों में ये व्यवस्था जल्द ही लागू होने वाली है। आधार कार्ड की तरह ही सभी स्कूली विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार की जाएगी। इसमें विद्यार्थियों के लिए 12 अंकों का यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर होगा, जिसमें उनकी शैक्षिक उपलब्धियां और अन्य रिकार्ड भी शामिल होंगे। नई शिक्षा नीति-2020 के तहत शुरू हुए ‘वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी के तौर पर ही यह अपार आईडी काम करेगी। इस आईडी के माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने में विद्यार्थी अपने शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप देख सके और उसका उपयोग कर सकेंगे।
अपार आईडी बनाने के लिए छात्रों को डिजिलॉकर के एप्लीकेशन पर आधार कार्ड के जरिए अपना अकाउंट बनाना होगा। यह अकाउंट अपार में ई-केवाईसी के लिए उपयोग किया जाएगा। इसके बाद विद्यार्थी के स्कूल में अभिवावकों को सहमति देने के लिए एक फार्म भरना होगा। सहमति मिलने के बाद ही स्कूल यूनीफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (यूडीआईएसई) पर छात्र की अपार आईडी तैयार करेंगे। अपार आईडी बनने के बाद इसे डिजिलॉकर अकाउंट में जोड़ा जाएगा। डिजिलॉकर से विद्यार्थी अपनी अपार आईडी को ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे।