
लखनऊ. असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के मामले पर राजनीति गर्म होती दिख रही है। इस बीच समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव परिवार की छोटी बहू व सपा नेता अपर्णा यादव ने एक बयान दिया है जो पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान से हटकर है। अपर्णा यादव ने कहा कि जो लोग कानूनी रूप से देश में निवास कर रहे हैं, उनसे किसी को समस्या नहीं है, लेकिन, जो लोग गलत तरीक से भारत में रह रहे हैं, उनसे तमाम समस्याएं हैं।
आपको बता दें कि NRC जारी होने के बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इसका पुरजोर विरोध किया हैं। इम मामले में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी TMC द्वारा किए जा रहे विरोध को लेकर अपर्णा यादव ने कहा कि ममता बनर्जी को गैर कानूनी रूप से देश में रह रहे अप्रवासियों का समर्थन नहीं करना चाहिए। उन्हें इस मामले पर विचार करना चाहिए। यह मामला राजनीति से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
बता दें, कि यह पहली बार नहीं है जब अपर्णा यादव ने बीजेपी का समर्थन किया हो। इससे पहले भी तीन तलाक के मसले पर वो भाजपा का समर्थन कर चुकी हैं।
अखिलेश ने दिया था ये बयान-
कुछ ही दिन पहले इस मामले को लेकर सपा प्रमुख ने ट्वीट किया था। उन्होंने कहा था, "सबको स्वीकार करने की भावना, सहिष्णुता व वसुधैव कुटुम्बकम हमारी संस्कृति के मूल मूल्य हैं। इसीलिए हमें नागरिकता के विषय पर मानवीय पहलू को समझकर ही कोई निर्णय करना चाहिए, लेकिन इसमें न तो राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता होना चाहिए और न ही कोई संकीर्ण राजनीतिक सोच या तुच्छ लक्ष्य।"
मायावती ने कहा था ये-
वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इस मामले को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है और कहा कि भाजपा धार्मिक आधार पर भेदभाव कर रही है। उन्होंने बीजेपी पर दलितों और अल्पसंख्यकों को जान बूझकर परेशान करने का आरोप लगाया थ।