Riots in India: 72 आरोपितों की लिस्ट फाइनल, अगले सप्ताह गिरफ्तारियां शुरू हो जाएंगे। नई सड़क हिंसा के चलते पिछले सप्ताह होनी थीं गिरफ्तारियां रुक गईं। अगले सप्ताह टीमें बनाकर की जाएंगी गिरफ्तारियां।
1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के गुनहगारों की गिरफ्तारियां अगले सप्ताह से शुरू करने की तैयारी है। अब तक 72 आरोपितों के नामों की सूची तैयार हो चुकी है। सिख समुदाय इंसाफ के लिए पिछले 37 वर्षों से इंतजार कर रहा है। वर्ष 2018 में अखिल भारतीय दंगा पीड़ित राहत कमेटी 1984 ने सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर कर कानपुर दंगों की जांच सीबीआई से कराने या एसआईटी गठन की मांग की थी। रिट का आधार गुरुद्वारा भाई बन्नो साहिब के पूर्व प्रधान की नगर के थानों से मांगी गई आरटीआई के जवाब बने। सुप्रीम कोर्ट ने 22 फरवरी 2019 को राज्य सरकार को एसआईटी गठन कर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए। इस दंगे में 127 लोगों की जानें गई थीं।
अब गिरफ्तारी की तैयारी कर रहे
एसआईटी को चार माह का विस्तार फिर मिला है। एसआईटी अपनी जांच पूरी कर चुकी है। एसआईटी ने शासन को आरोपितों की लिस्ट भेजी है। इसमें 72 आरोपितों के नाम बताए जा रहे हैं। इसमें ज्यादातर 60 वर्ष के ऊपर के आरोपित हैं। एसआईटी ने टीमें बनाकर गिरफ्तारियां करने की तैयारी कर ली है। नई सड़क हिंसा के कारण गिरफ्तारियों में एक सप्ताह विलंब हो गया है। नामों को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
कई राज्यों में जाकर तलाशे गवाह
एसआईटी ने पंजाब, दिल्ली समेत कई राज्यों में जाकर गवाहों को तलाशा। बड़ी संख्या में लोग ऐसे भी रहे जिन्होंने गवाही देने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद 72 ऐसे आरोपितों के नाम सामने आ गए जिन्होंने दंगे में बड़ी भूमिका निभाई थी। 29 मुकदमों में एफआर लगाई गई है। 06 मामले बंद किए जा चुके हैं।
सभी आरोपितों की होगी गिरफ्तारी
अखिल भारतीय दंगा पीड़ित राहत कमेटी 1984 के नगर प्रभारी और बाबा नामदेव गुरुद्वारा कमेटी के चेयरमैन सुरजीत सिंह ओबेरॉय ने बताया कि उनकी शीर्ष अधिकारियों से वार्ता हुई है। अब तक गिरफ्तारियां शुरू हो चुकी होतीं। नई सड़क हिंसा के कारण देरी हो गई। आश्वासन मिला है कि अगले सप्ताह गिरफ्तारियां शुरू हो जाएंगी। जिनके नाम लिस्ट में हैं, उन सभी की गिरफ्तारियां होंगी। उम्र के आधार पर छूट की बात कही जा रही थी लेकिन अफसरों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।