
Owaisi New Strategy UP Assembly Elections: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा सियासी दांव खेला है। छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ओवैसी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी यूपी में भाजपा को तीसरी बार सरकार बनाने से रोकने के लिए विपक्षी दलों के साथ गठबंधन करने को तैयार है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार के समान नागरिक संहिता (UCC) पर भी जोरदार हमला बोला।
ओवैसी ने कहा कि AIMIM पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी, लेकिन पार्टी की प्राथमिकता यह है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की तीसरी बार सरकार न बने। उन्होंने विपक्षी दलों को सीधा संदेश देते हुए कहा, अगर आप भाजपा को रोकना चाहते हैं, तो हम गठबंधन के लिए तैयार हैं। इससे ज्यादा हम और क्या कह सकते हैं?
उन्होंने बिहार का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों के दोहरे रवैये पर सवाल उठाए। ओवैसी ने कहा कि जब शिवसेना टूटी तो इसे 'लोकतंत्र की हत्या' कहा गया, लेकिन जब बिहार में AIMIM के चार विधायकों को तोड़ा गया, तब सब खामोश रहे। इसके बावजूद सीमांचल की जनता ने उन पर दोबारा भरोसा जताया।
समान नागरिक संहिता (UCC) बिल पर केंद्र और राज्य सरकारों को घेरते हुए ओवैसी ने कहा कि उत्तराखंड, असम और गुजरात का UCC ड्राफ्ट केवल हिंदू विवाह अधिनियम और हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम का 'कट-एंड-पेस्ट' रूप है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात में आदिवासियों को उनकी अलग परंपराओं और रीति-रिवाजों का हवाला देकर UCC से बाहर रखा गया है, तो फिर मुसलमानों के साथ यह भेदभाव क्यों?
ओवैसी ने इस्लामी और हिंदू विवाह की परंपराओं का अंतर समझाते हुए कहा कि इस्लाम में निकाह दो बराबर के साझेदारों के बीच एक अनुबंध (Contract) है, जबकि हिंदू धर्म में यह जन्मों-जन्म का पवित्र बंधन है। जब दोनों धर्मों की मान्यताएं और जीवनशैली अलग हैं, तो एक ही कानून जबरन थोपना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।