लखनऊ

योगी सरकार को बड़ी औद्योगिक सफलता, लखनऊ में इलेक्ट्रिक वाहन फैक्ट्री शुरू

उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई रफ्तार मिलने जा रही है। लखनऊ में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण फैक्टरी का उद्घाटन 9 जनवरी को होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में यह इकाई निवेश, रोजगार और हरित परिवहन को बढ़ावा देगी।

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Jan 09, 2026
निवेश और उद्योग के लिए आकर्षण का केंद्र बनता यूपी (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

UP Government: उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी औद्योगिक और निवेश गंतव्य राज्य बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम शुक्रवार को उठने जा रहा है। देश की प्रमुख वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनी लखनऊ में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) निर्माण पर केंद्रित अपनी नई अत्याधुनिक फैक्टरी का उद्घाटन 9 जनवरी को करेगी। यह फैक्टरी प्रदेश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, हरित परिवहन और औद्योगिक विकास को नई गति देने का कार्य करेगी।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। उनके साथ देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा केंद्रीय भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। यह आयोजन न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश की ईवी नीति और ग्रीन मोबिलिटी विजन के लिए भी अहम माना जा रहा है।

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निवेश और उद्योग के लिए आकर्षण का केंद्र बनता यूपी

योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बीते कुछ वर्षों में औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में तेजी से उभरा है। वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने निवेश के लिए सरल, पारदर्शी और अनुकूल नीतियां लागू की हैं। बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत बुनियादी ढांचा, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और औद्योगिक कॉरिडोरों के विकास ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसी क्रम में अशोक लेलैंड का लखनऊ में ईवी फैक्टरी स्थापित करना इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश अब पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ भविष्य की तकनीकों का भी प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

सरोजिनी नगर एक्सटेंशन में होगा उद्घाटन समारोह

कंपनी की यह नई इकाई लखनऊ के कानपुर रोड स्थित सरोजिनी नगर एक्सटेंशन-1 औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित की गई है। यह वही परिसर है, जिसे पहले स्कूटर्स इंडिया लिमिटेड के नाम से जाना जाता था। वर्षों तक निष्क्रिय रहे इस औद्योगिक स्थल का पुनरुद्धार कर इसे आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण केंद्र में बदलना राज्य सरकार की औद्योगिक नीति की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ तथा सरोजिनी नगर विधायक राजेश्वर सिंह भी उपस्थित रहेंगे। कंपनी की ओर से अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा और प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शेनु अग्रवाल समारोह में भाग लेंगे।

इलेक्ट्रिक व्हीकल उत्पादन पर रहेगा फोकस

यह फैक्टरी विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण पर केंद्रित होगी। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, यहां आधुनिक तकनीक से लैस उत्पादन सुविधाएं विकसित की गई हैं, जो ई-बस, ई-ट्रक और अन्य इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स के निर्माण में सहायक होंगी। कंपनी पहले से ही इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में अपने उत्पादों और अनुसंधान के लिए जानी जाती है। लखनऊ संयंत्र के शुरू होने से कंपनी की ईवी उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और उत्तर भारत में इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों का एक बड़ा केंद्र विकसित होगा।

रोजगार और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा

इस नई फैक्टरी से स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर सृजित होने की संभावना है। प्रत्यक्ष रूप से जहां तकनीकी, इंजीनियरिंग और उत्पादन से जुड़े रोजगार उपलब्ध होंगे, वहीं अप्रत्यक्ष रूप से सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस और सहायक सेवाओं में भी रोजगार बढ़ेगा। राज्य सरकार का मानना है कि ऐसे निवेश से युवाओं को अपने ही जिले और प्रदेश में रोजगार मिलेगा, जिससे पलायन की समस्या पर भी प्रभावी नियंत्रण हो सकेगा। इसके साथ ही, कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को ईवी तकनीक में प्रशिक्षित किया जाएगा।

हरित और स्वच्छ परिवहन की दिशा में बड़ा कदम

कंपनी की यह इकाई उत्तर प्रदेश को हरित परिवहन की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार पहले ही ईवी नीति लागू कर चुकी है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग और निर्माण को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। लखनऊ की यह फैक्टरी इस नीति को धरातल पर उतारने का मजबूत आधार बनेगी।

‘मेक इन यूपी’ और ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती

यह परियोजना ‘मेक इन यूपी’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी मजबूती प्रदान करेगी। घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने, आयात पर निर्भरता कम करने और भारत को इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।

औद्योगिक पुनर्जीवन की मिसाल

स्कूटर्स इंडिया की पुरानी फैक्टरी साइट का पुनर्विकास कर अत्याधुनिक ईवी प्लांट में बदलना औद्योगिक पुनर्जीवन की एक मिसाल है। यह दिखाता है कि किस तरह बंद या निष्क्रिय औद्योगिक इकाइयों को नई तकनीक और निवेश से दोबारा सक्रिय बनाया जा सकता है।

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