इस घटना से पूरा पुलिस प्रशासन हैरत में पड़ गया है, वहीं यूपी के डीजीपी और एडीजी लॉ एंड आर्डर आनंद कुमार ने शोक व्यक्त करते हुए बयान दिया है।
लखनऊ. एटीएस को एडिश्नल एसपी राजेश साहनी की मौत से पूरे यूपी प्रशासन व पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। एटीएस मुख्यालय में अपने कमरे में साहनी ने आज सर्विस पिस्टल से अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। बताया जा रहा है कि उन्होंने आत्महत्या की है। पुलिस के कुछ अफसर जब उनके कमरे में पहुंचे तो वहां जमीन पर उनका शव लहूलुहान पड़ा हुआ था। इस घटना से पूरा पुलिस प्रशासन हैरत में पड़ गया है, वहीं यूपी के डीजीपी और एडीजी लॉ एंड आर्डर आनंद कुमार ने शोक व्यक्त करते हुए बयान दिया है।
डीजीपी ओपी सिंह ने किया ट्वीट-
यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने साहनी की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे यूपी के बेहद काबिल अफसरों में से एक थे। उन्होंने सोशल मीडिया ट्विटर पर लिखा, "बड़े ही दुख के साथ ये बताना पड़ रहा है कि एटीएस को एडिश्नल एसपी राजेश साहनी का निधन हो गया है। वे यूपी पुलिस के सबसे काबिल अफसरों में से एक थे। उनकी मौत के कराण का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इसकी तहकीकात की जा रही है। उनके परिवार के लिए हम प्रार्थना करते हैं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।"
एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने कहा- मामले में जांच में पुलिस जुटी
वहीं एडीजी लॉ एंड आर्डर आनंद कुमार ने कहा है कि आज एक होनहार और जांबाज़ पुलिस अफसर ने दोपहर में 12.45 पर आत्महत्या कर ली है। आत्महत्या की वजह के बारे में लखनऊ पुलिस गहनता से जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी में सिर्फ यह मालूम हुआ है कि उन्होंने ड्राइवर से पिस्टल मंगाई और कार्यालय में ही खुद को गोली मार कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
आतंकियों के खिलाफ कई बड़े ऑपरेशन को किया था लीड-
एटीएस टीम में रहते हुए राजेश साहनी ने आतंकियों के खिलाफ कई बड़े ऑपरेशन की कमान संभाली थी। इनमें से हाल ही में 23 मई में उन्होंने उत्तराखंड मिलिट्री इंटेलिजेंस और उत्तराखंड पुलिस के साथ मिलकर ISI एजेंट रमेश सिंह को गिरफ्तार किया था। साहनी काफी लंबे अरसे से आतंकी संगठनों के स्लीपर मॉड्यूल के खिलाफ काम कर रहे थे। वहीं मार्च, 2016 में लखनऊ में मारे गए आतंकी के ऑपरेशन की कमान उन्हीं के हाथों में थी।