लखनऊ

World Tourism Day: बाबा नीब करोली सर्किट की आध्यात्मिक यात्रा शुरू, 30 पर्यटक जन्मस्थली से समाधि स्थल पहुंचेंगे

World Tourism Day Baba Neem Karoli : विश्व पर्यटन दिवस पर लखनऊ से बाबा नीब करोली सर्किट की आध्यात्मिक यात्रा शुरू हुई। 30 पर्यटक जन्मस्थली, आश्रम, समाधि स्थल समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे।
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Sep 25, 2026
बारिश की फुहारों के बीच बाबा नीब करौरी से जुड़े स्थलों की यात्रा पर रवाना हुआ 30 सदस्यीय पर्यटकों का दल। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
बारिश की फुहारों के बीच बाबा नीब करौरी से जुड़े स्थलों की यात्रा पर रवाना हुआ 30 सदस्यीय पर्यटकों का दल। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

Baba Neem Karoli Circuit: विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक पर्यटन विरासत को देश-दुनिया के पर्यटकों से जोड़ने की दिशा में शुक्रवार को एक विशेष पहल की शुरुआत हुई। बाबा नीब करोली के जीवन, साधना और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े प्रमुख स्थलों के दर्शन के लिए 30 सदस्यीय पर्यटकों का दल लखनऊ से रवाना हुआ। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) की ओर से ‘विजिट माय स्टेट’ अभियान के तहत आयोजित तीन दिवसीय विशेष टूर को हनुमान सेतु से रवाना किया गया। बारिश की हल्की फुहारों के बीच श्रद्धा और उत्साह से भरे पर्यटकों ने बाबा नीब करोली से जुड़े आध्यात्मिक स्थलों की यात्रा शुरू की।

इस विशेष यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराना नहीं, बल्कि बाबा नीब करोली के जीवन, साधना और उत्तर प्रदेश से उनके गहरे जुड़ाव से पर्यटकों को परिचित कराना भी है। 25 से 27 सितंबर तक चलने वाली इस यात्रा में पर्यटकों को बाबा की जन्मस्थली, उनसे जुड़े आश्रमों, आध्यात्मिक स्थलों और समाधि स्थल के साथ ही प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इस तरह यह यात्रा आध्यात्मिक आस्था के साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी एक सूत्र में पिरोती नजर आएगी।

बारिश के बीच आस्था और उत्साह का संगम

हनुमान सेतु से यात्रा शुरू होने के दौरान मौसम में बारिश की फुहारें थीं, लेकिन पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक विभिन्न आयु वर्ग के लोग इस यात्रा का हिस्सा बने। बाबा नीब करोली की भक्ति और साधना से जुड़े स्थलों को प्रत्यक्ष देखने की उत्सुकता पर्यटकों के चेहरे पर साफ दिखाई दी। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा और कई पर्यटकों ने इसे बाबा की आध्यात्मिक विरासत को करीब से समझने का अवसर बताया।

‘विजिट माय स्टेट’ अभियान के तहत 30 पर्यटकों का दल लखनऊ से रवाना, जन्मस्थली से समाधि स्थल तक पहुंचेगा (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

यूपीएसटीडीसी ने इस यात्रा के लिए विशेष टूर पैकेज तैयार किया है। तीन दिवसीय इस पैकेज की सामान्य कीमत 16,500 रुपये निर्धारित है, जबकि विशेष अभियान के तहत इसे 8,500 रुपये में उपलब्ध कराया गया है। डबल शेयरिंग के आधार पर तैयार पैकेज में वातानुकूलित आवास, होटल में नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन, हाई टी, टूर गाइड तथा विभिन्न पर्यटन स्थलों के प्रवेश शुल्क शामिल हैं। इससे यात्रियों को यात्रा के दौरान परिवहन, ठहरने और भोजन की अलग-अलग व्यवस्थाओं की चिंता नहीं करनी होगी।

फर्रुखाबाद से शुरू होगा आध्यात्मिक पड़ाव

लखनऊ से रवाना होने के बाद यात्रा का पहला प्रमुख पड़ाव फर्रुखाबाद रहेगा। यहां पर्यटकों को बाबा नीब करोली आश्रम के दर्शन कराए जाएंगे। आश्रम से जुड़े आध्यात्मिक परिवेश और बाबा की साधना परंपरा से परिचित कराने के बाद दल संकिसा के लिए रवाना होगा। संकिसा में पर्यटकों को प्राचीन बौद्ध विरासत से रूबरू कराया जाएगा। यहां अशोक स्तंभ, बौद्ध स्तूप, प्राचीन बौद्ध अवशेष और मठों का भ्रमण कराया जाएगा। इस यात्रा में आध्यात्मिक पर्यटन के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी जोड़ा गया है। यही वजह है कि बाबा नीब करोली से जुड़े स्थलों के साथ संकिसा जैसी ऐतिहासिक भूमि को भी यात्रा कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इससे पर्यटकों को एक ही यात्रा में उत्तर प्रदेश की धार्मिक, आध्यात्मिक, बौद्ध और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

जन्मस्थली अकबरपुर से जुड़ेगी यात्रा की अगली कड़ी

यात्रा के दूसरे दिन पर्यटकों का दल फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव पहुंचेगा। यही बाबा नीब करोली की जन्मस्थली है। यहां पहुंचकर पर्यटक बाबा के जीवन की शुरुआती स्मृतियों और उनके उत्तर प्रदेश से जुड़े आध्यात्मिक संबंध को समझने का प्रयास करेंगे। जन्मस्थली के दर्शन इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा, क्योंकि बाबा के अनुयायियों के लिए उनके जीवन से जुड़ा यह स्थान विशेष महत्व रखता है।अकबरपुर के बाद यात्रा मथुरा पहुंचेगी, जहां पर्यटकों को श्रीकृष्ण जन्मभूमि और द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। इसके बाद शाम को वृंदावन स्थित प्रेम मंदिर का भ्रमण कराया जाएगा। इस तरह यात्रा बाबा नीब करोली की आध्यात्मिक विरासत के साथ ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से भी पर्यटकों को जोड़ेगी।

समाधि स्थल पर पहुंचेगा आध्यात्मिक सफर

यात्रा के अंतिम दिन वृंदावन में बाबा नीब करोली से जुड़े आध्यात्मिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसके बाद पर्यटक समाधि स्थल पहुंचेंगे। बाबा की आध्यात्मिक विरासत से जुड़े इस महत्वपूर्ण पड़ाव के साथ यात्रा अपने प्रमुख उद्देश्य की ओर पहुंचेगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं को बांके बिहारी मंदिर और इस्कॉन मंदिर के दर्शन भी कराए जाएंगे। इसके बाद पर्यटकों का दल लखनऊ के लिए वापस रवाना होगा।

इस पूरे यात्रा मार्ग को बाबा नीब करोली सर्किट के रूप में विकसित किए जाने की संभावनाओं से भी जोड़कर देखा जा रहा है। फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, वृंदावन और लखनऊ को जोड़ने वाला यह सर्किट बाबा के जीवन और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े विभिन्न पहलुओं को एक पर्यटन मार्ग में समाहित करता है। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बाबा से जुड़े स्थलों की व्यवस्थित यात्रा का अवसर मिल सकता है।

पर्यटकों ने कहा, लंबे समय से थी यात्रा की इच्छा

यात्रा में शामिल पर्यटक दीनानाथ ने कहा कि बाबा नीब करोली से जुड़े स्थलों की यात्रा करने की इच्छा लंबे समय से थी। बारिश के बीच यात्रा की शुरुआत ने उत्साह को और बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि टूर पैकेज में यात्रा, ठहरने और भोजन की व्यवस्था पहले से होने के कारण बिना किसी परेशानी के बाबा की आध्यात्मिक विरासत को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है। महिला पर्यटक मीना देवी ने भी बाबा से जुड़े स्थलों के दर्शन को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बाबा की भक्ति और साधना से जुड़े स्थानों को देखने की उत्सुकता लंबे समय से थी। इस यात्रा के माध्यम से इन आध्यात्मिक स्थलों को करीब से जानने और उनके महत्व को समझने का अवसर मिल रहा है।

आध्यात्मिक पर्यटन की नई संभावनाएं

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस प्रदेश के विविध पर्यटन अनुभवों को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने का विशेष अवसर है। उन्होंने कहा कि बाबा नीब करोली के जीवन, साधना और आध्यात्मिक विरासत के प्रति बढ़ती रुचि उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन की नई संभावनाओं को सामने ला रही है। मंत्री ने कहा कि विशेष टूर पैकेज के जरिए पर्यटकों को बाबा से जुड़े अल्पज्ञात स्थलों से परिचित कराने के साथ अधिक से अधिक यात्रियों को उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्यटन सर्किट प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को एक व्यापक पर्यटन अनुभव में बदलने में सहायक हो सकते हैं।

दुनिया भर के अनुयायियों को जोड़ने की पहल

अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं यूपीएसटीडीसी के चेयरमैन अमृत अभिजात ने कहा कि उत्तर प्रदेश बाबा नीब करोली की जन्मस्थली और समाधि स्थली, दोनों का साक्षी है। दुनियाभर में बाबा के अनुयायियों के लिए यह भूमि विशेष आध्यात्मिक महत्व रखती है, लेकिन प्रदेश से उनके जुड़ाव के बारे में अभी कम लोगों को जानकारी है। उन्होंने कहा कि ‘विजिट माय स्टेट’ अभियान के तहत प्रदेश सरकार बाबा से जुड़े आस्था स्थलों को पर्यटन गंतव्य के रूप में सामने ला रही है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित बाबा नीब करोली सर्किट की यह विशेष यात्रा इसी पहल का हिस्सा है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को बाबा की आध्यात्मिक विरासत और उत्तर प्रदेश से उनके जुड़ाव से परिचित कराना है।

पर्यटन के नक्शे पर उभर सकता है नया सर्किट

बाबा नीब करोली के जीवन और साधना से जुड़े स्थलों को एक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की पहल आने वाले समय में आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा दे सकती है। इस यात्रा के माध्यम से लखनऊ से शुरू होकर फर्रुखाबाद, संकिसा, फिरोजाबाद, मथुरा और वृंदावन तक जाने वाला मार्ग श्रद्धा, इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिकता के विविध रंगों को एक साथ समेटता है।

तीन दिवसीय यह यात्रा इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि इसमें केवल प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों को शामिल करने के बजाय बाबा नीब करोली से जुड़े अपेक्षाकृत कम चर्चित स्थानों को भी पर्यटकों के सामने लाने का प्रयास किया गया है। यदि इस तरह के सर्किट को नियमित पर्यटन कार्यक्रमों से जोड़ा जाता है, तो बाबा के अनुयायियों के साथ-साथ आध्यात्मिक पर्यटन में रुचि रखने वाले देश-विदेश के यात्रियों को उत्तर प्रदेश की इस विरासत से परिचित होने का अवसर मिल सकता है।