
लखनऊ. लगातार सामने आ रहीं प्रवासी मजदूरी की पैदल चलने व ट्रकों में छुप-छुप कर सफर करने की तस्वीरों से सरकार भी चिंतित है। वहीं शनिवार को औरैया जिले में सड़क हादसे में 24 मजदूरों की मौत ने सरकार को कुछ सख्त फैसले लेने पर मजबूर कर दिया है। शनिवार को अलग-अलग राज्यों से पैदल यात्रा कर यूपी आ रहे मजदूरों को लेकर सरकार ने आदेश जारी किया है। इसके तहत अब किसी भी प्रवासी व्यक्ति को उत्तर प्रदेश की सीमा में पैदल, दो पहिया वाहन या ट्रक से प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। साथ ही प्रवासी को सड़क या रेलवे लाइन पर भी चलने नहीं दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर इसकी जानकारी दी गई। इसके लिए सभी मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों व पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है। हालांकि सभी को समस्त प्रवासियों के लिए खाने-पीने की सृदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीमा में आए प्रवासी तो यह करें-
मुख्य सचिव द्वारा पलिस अधिकारियों व जिलाधिकारियों ने निर्देशित किया गया है कि अन्य प्रदेशों से उत्तर प्रदेश की सीमा में पैदल, दो पहिया वाहन एवं ट्रक के माध्यम से किसी भी प्रवासी व्यक्ति को प्रवेश न करने दिया जाए। पैदल यात्रा कर व्यक्ति किसी प्रकार से जिले में आ जाते हैं तो उन्हें वहीं रोक कर स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्गत निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाए। किसी भी प्रवासी को सड़क अथवा रेलवे लाइन पर न चलने दिया जाए। समस्त प्रवासियों के लिए खाने-पीने की सृदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए।
निजी बसों एवं स्कूल बसों की हो व्यवस्था-
मुख्य सचिव ने आगे बताया कि शेल्टर होम्स एवं क्वारेंटाइन सेन्टर्स में समस्त व्यवस्थाएं बिस्तर, साफ चादरें, पंखा भोजन, पानी, प्रकाश की उचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में ट्रेनों के माध्यम से प्रदेश आ रहे एवं आने वाले प्रवासियों हेतु प्रत्येक रेलवे स्टेशन जहां ट्रेन का आगमन होने वाला है, वहां प्रवासियों के आते ही स्वास्थ्य विभाग निर्गत प्रोटोकाॅल के पालन करते हुए विशेष टीमें लगाए। प्रवासियों को अन्य जनपद या क्वारेंटाइन सेन्टर व शेल्टर होम्स भेजे जाने के लिए पर्याप्त संख्या में निजी बसों एवं स्कूल बसों की व्यवस्था कराये जाने के भी निर्देश दिए गए। नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि समय-समय पर समस्त व्यवस्थाओं का विशेष रूप से अनुश्रवण करना सुनिश्चित करें।