Big Disclosure Of Disproportionate Assets: आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। रिटायर्ड एडिनशल कमीशनर के पास 1000000000 की संपत्ति मिली है।
Big Disclosure Of Disproportionate Assets: उत्तर प्रदेश में एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। वाणिज्य कर विभाग के सेवानिवृत्त एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में विजिलेंस ने केस दर्ज किया है। जांच में उनके पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने का खुलासा हुआ है।
विजिलेंस जांच के मुताबिक, केशव लाल ने अपनी वैध आय से लगभग 17.26 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए। यह अंतर उनके आय और संपत्ति के बीच बड़ा असंतुलन दर्शाता है। इसी आधार पर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
मामले की जड़ें साल 2017 में हुई आयकर विभाग की छापेमारी से जुड़ी हैं। उस समय केशव लाल की तैनाती कानपुर में थी। 19 अप्रैल 2017 को उनके आवास पर छापा पड़ा, जिसमें करीब 10 करोड़ रुपये नकद और 3 करोड़ रुपये की ज्वैलरी बरामद हुई थी।
छापेमारी के दौरान नोएडा (Noida) स्थित उनके घर से चौंकाने वाले तरीके से नकदी बरामद हुई। नोटों की गड्डियां गद्दों, पूजा कक्ष, अलमारियों और यहां तक कि बाथरूम के फ्लश में छिपाकर रखी गई थीं। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बावजूद केशव लाल इसका संतोषजनक हिसाब नहीं दे सके।
छापेमारी के कुछ समय बाद, मई 2017 में उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई थी। इसके साथ ही मामले की विस्तृत जांच विजिलेंस विभाग को सौंप दी गई। लंबी जांच के बाद उनकी कुल संपत्ति आय से कई गुना अधिक पाई गई, जो 100 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है।
विजिलेंस ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी। शासन से अनुमति मिलने के बाद अब केशव लाल के खिलाफ आधिकारिक रूप से केस दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की विवेचना एक राजपत्रित अधिकारी को सौंपी गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, अब मामले की गहराई से जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई में संपत्ति के स्रोत, लेन-देन और अन्य संबंधित पहलुओं की भी जांच होगी।