लखनऊ

बीजेपी में बड़ा उलटफेर! ब्राह्मण-बनिया या दलित पर दांव खेलेगी पार्टी, चौंका सकते हैं जिलाध्यक्षों के नाम

यूपी में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। महाकुंभ समाप्त होने के बाद बीजेपी सरकार और संगठन में बदलाव को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। 70 जिलाध्यक्षों की लिस्ट भी लगभग तैयार है, लेकिन सबकी निगाहें भाजपा अध्यक्ष पर हैं। सूत्रों का दावा है कि अध्यक्ष के लिए बीजेपी ब्राह्मण-बनिया या दलित पर दांव खेलेगी….

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Feb 27, 2025

Yogi Cabinet Vistar: भाजपा जिलाध्यक्षों की बहुप्रतीक्षित सूची का इंतजार अब खत्म होने वाला है। वहीं, नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव भी जल्द होने की उम्मीद है। पार्टी सूत्रों की मानें तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में यूपी को भी शामिल किया जाएगा। ऐसे में जिलाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया जल्द खत्म करनी होगी। इसकी भनक लगते ही प्रदेश अध्यक्ष पद के दावेदारों ने दिल्ली दरबार में हाजिरी का सिलसिला तेज कर दिया है।

जिलाध्यक्षों की सूची जल्द

भाजपा में बीते कई माह से संगठन चुनाव प्रक्रिया चल रही है। बूथ और मंडलों का गठन हो चुका है। वहीं जिलाध्यक्षों की चुनाव प्रक्रिया बीते दो माह से अधिक समय से लटकी है। प्रदेश स्तर पर स्क्रीनिंग सहित अन्य कवायद के साथ ही दिल्ली दरबार तक भी सूची दो-तीन बार पहुंच चुकी है। जिस तरीके से सूची लटकी हुई थी, उससे अंदाजा लगाया जा रहा था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव बिना यूपी के ही हो जाएगा। दरअसल, यूपी के इस चुनाव में शामिल होने के लिए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होना जरूरी है और वो बिना जिलाध्यक्षों की सूची जारी हुए नहीं हो सकता। मगर अब इसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है।

ब्राह्मण या पिछड़े चेहरे पर दांव

माना जा रहा है कि अब जल्द जिलाध्यक्षों की सूची जारी हो सकती है। इसमें 70 से अधिक जिलों को शामिल किया गया है। सामाजिक समीकरण दुरुस्त करने के नाम पर भी भारी कवायद की गई है। हालांकि यह कितनी सफल रही, इसका फैसला तो सूची सार्वजनिक होने पर ही लग सकेगा। उधर, अंतिम समय तक कई जनप्रतिनिधि पसंदीदा जिलाध्यक्ष बनवाने को लखनऊ से दिल्ली तक पूरा जोर लगाए हुए हैं। सूची जारी होते ही प्रदेश अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया तेज हो जाएगी।

माना जा रहा है कि पार्टी किसी ब्राह्मण या पिछड़े वर्ग से आने वाले चेहरे पर दांव लगा सकती है। प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में आधा दर्जन से अधिक गंभीर नाम बताए जा रहे हैं, हालांकि अंतिम फैसला दिल्ली दरबार से ही होना है। इसलिए संभावित दावेदारों ने दिल्ली की दौड़ तेज करने के साथ ही संघ के दरबार में भी हाजिरी बढ़ा दी है।

Updated on:
27 Feb 2025 08:36 am
Published on:
27 Feb 2025 08:33 am
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