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‘युवा महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ एकजुट हो रहा था, BJP ने चला फूट डालों का विक्टिम कार्ड’- अखिलेश यादव

Akhilesh Yadav statement on UGC : समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने UGC को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा सरकार डर रही है और वह अंग्रेजों की नीति अपना रही है।

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अखिलेश यादव ने UGC को लेकर दिया बड़ा बयान, PC- Patrika

लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार पर ताजा हमला बोला है। पत्रकारों ने जब सपा मुखिया अखिलेश यादव से सवाल पूछा कि देश भर में अब UGC के समर्थन और विरोध में हो रहे आंदोलन में जो अराजकता फैल रही है। उसे आप किस तरह से देखते हैं।

इस सवाल पर अखिलेश यादव ने जवाब दिया और उन्होंने कहा, भाजपा को डर है कि कहीं देश का युवा एकजुट न हो जाए। देश का युवा इस समय जाति, धर्म से ऊपर उठकर महंगाई और रोजगार पर बात कर रहा था। यह बीजेपी को रास नहीं आ रहा था। बांग्लादेश और नेपाल में युवाओं की ताकत को देखते हुए भाजपा भयभीत थी। इसीलिए यह नियम ले आई और अंग्रेजों के जैसा काम किया… फूट डालो और शासन करो।

भाजपा ने युवाओं को जाति के नाम पर तोड़ने का किया। जो असल मुद्दे हैं उनसे युवा भटक जाएं और जाति के आधार पर बंट जाएं और आज वही हो रहा है। विश्वविद्यालयों में युवा आपस में लड़ रहे हैं…धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

कैंपस में अगर यूथ यूनाइटेड रहा तो यह भाजपा के लिए बड़ा खतरा बन रहा था तो उन्होंने अंग्रेजों वाली चाल चली और फूट डालो और राजनीति करो। जो संविधान के साथ खिलवाड़ कर रहें हैं। उनसे आप क्या ही उम्मीद करेंगे। आखिर हमें इन नियमों की जरूरत ही क्यों पड़ी? जब संविधान में सभी को समान अधिकार हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि वास्तविक समस्याएं जैसे कि रोजगार की कमी, बढ़ती महंगाई, दीक्षित क्षमता और कौशल की कमी, और शिक्षा-व्यवस्था में सुधार को नजरअंदाज कर देने से लोकतंत्र कमजोर होता है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे जमीनी मुद्दों पर अपनी नीतियों को प्राथमिकता दे, न कि विभाजनकारी तर्कों को बढ़ावा दे।

आलोचक भी मानते हैं कि UGC नियमों का राजनीति के केंद्र में आ जाना इस समय प्रश्नचिह्न पैदा करता है, क्योंकि शिक्षा को राजनीति से अलग रखते हुए उसे युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए एक मंच बनाना चाहिए।