बसपा सुप्रीमो मायावती ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव में प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार से परहेज करने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने वोटिंग में भी हिस्सा नहीं लिया। रविवार को लखनऊ में मेयर और पार्षद पदों के लिए मतदान हुआ लेकिन बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती लखनऊ में मौजूद नहीं रहीं। यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का नाम मॉल एवेन्यू में वोटर के रूप में दर्ज है। बताया जा रहा है कि रविवार को बसपा नेत्री दिल्ली में मौजूद रहीं। इस मामले पर भाजपा ने चुटकी ली है। लखनऊ से भाजपा की मेयर प्रत्याशी संयुक्ता भाटिया ने कहा कि मायावती को इस बात पर भरोसा नहीं है कि उनकी कैंडिडेट जीत सकती है। शायद इसीलिए उन्होंने वोट डालना जरूरी नहीं समझा।
चुनाव में प्रचार से भी मायावती ने किया था परहेज
विधान सभा चुनाव 2017 में भाजपा को मिले प्रचंड बहुमत के बाद इस बार सभी विपक्षी दल निकाय चुनाव के मैदान में उतरकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का दावा करते दिखे। सपा, कांग्रेस और बसपा ने अपने सिंबल पर प्रत्याशी मैदान में उतारकर भाजपा को चुनावी मैदान में शिकस्त देने के दावे किये। चुनाव मैदान में कांग्रेस के कई नेता प्रदेश में चुनावी जनसभाओं में हिस्सा लेते दिखे लेकिन बसपा और सपा के बड़े नेताओं ने चुनाव प्रचार से परहेज किया।
भाजपा ने चुनाव में अपनी आक्रामक चुनाव रणनीति
दूसरी ओर भाजपा ने इस नगर निकाय चुनाव को लोकसभा और विधान सभा चुनाव की तर्ज पर लिया। खुद मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख़्यमंत्रियों और मंत्रियों ने पूरे प्रदेश में ताबड़तोड़ जनसभाएं की। विधानसभा चुनाव की तर्ज पर प्रदेश अध्यक्ष से लेकर मंत्रियों तक ने नुक्कड़ सभाएं की और प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे। भाजपा नगर निकाय चुनाव के जनादेश को अपने सात माह के कार्यकाल पर जनता का जनादेश बताने के प्रयास में है। ऐसे में भाजपा ने पूरी ताकत झोंककर चुनाव में सफलता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। दूसरी ओर सपा, बसपा और कांग्रेस की सुस्त चुनाव प्रचार रणनीति के बीच अब नतीजे देखना सभी के लिए दिलचस्प होगा।