
लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रवक्ता आईपी सिंह ने बुधवार रात को एक ट्वीट करके उन्नाव गैंगरेप मामले में नया तूफान खड़ा कर दिया। जानकार आईपी सिंह के इस ट्वीट में लिखा बात को बीजेपी की अदरूनी कलह का परिणाम बता रहे हैं। आईपी सिंह के ट्वीट से साफ पता चल रहा है कि उन्नाव मामले में विधायक को बचाने के पीछे कोई बड़ा शख्स लगा है। जिसकी वजह से अब तक विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
कौन है वो बड़ा व्यक्ति
आईपी सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की गिरफ्तारी और उन्नाव कप्तान को निलंबित करने के निर्देश दे दिए थे। कुलदीप सिंह सेंगर की गिरफ्तारी सीएम ऑफिस से होनी थी। लेकिन तभी अचानक एक बड़े व्यक्ति के हस्तक्षेप से पूरा मामला लंबित हो गया। इसी का खामियाजा पूरी पार्टी ने भुगता है। हालांकि आईपी सिंह ने अपने ट्वीट में उस बड़े व्यक्ति का नाम नहीं लिखा है, लेकिन ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह सरकार के अंदर ही कोई हो सकता है।
इस ट्वीट ने भी मचाया हड़कंप
वहीं दूसरी तरफ इस ट्वीट से पहले उन्नाव गैंगरेप कांड को लेकर बीजेपी की प्रवक्ता ने ही दीप्ति भारद्वाज ने भी एक ट्वीट किया। दीप्ति भारद्वाज के इस ट्वीट से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार चौतरफा घिर गई। बीजेपी की प्रवक्ता दीप्ति भारद्वाज ने ट्वीट करते हुए योगी सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाया।
दीप्ति भारद्वाज ने उन्नाव मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से अपील की है कि वह पार्टी और सरकार की छवि को बचाएं। दीप्ति भारद्वाज ने अपने ट्वीट में लिखा है कि यूपी सरकार की कार्रवाई के चलते ही पूरी पार्टी बैकफुट है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार को तुरंत बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए था।
कुलदीप सिंह सेंगर पर चलेगा रेप केस
आपको बता दें कि बुधवार रात उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उन्नाव कांड में देर रात बड़ा फैसला लिया। यूपी सरकार ने भारतीय जनता पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और अन्य के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने का फैसला लिया। सरकार ने इस पूरे कांड में लापरवाही बरतने के लिए उन्नाव के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीके द्विवेदी और कैजुअलटी मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रशांत उपाध्याय समेत सीओ सफीपुर कुंवर बहादुर सिंह को भी निलंबित किया। सरकार की इस पूरी कार्रवाई की जानकारी यूपी के प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने दी। प्रमुख सचिव ने बताया कि ये कार्रवाई एडीजी लखनऊ जोन राजीव कृष्ण के नेतृत्व में गठित एसआईटी, उन्नाव के डीएम एनजी रवि कुमार और जेल के डीआईजी लव कुमार से मिली रिपोर्ट के आधार पर की गई।