लखनऊ

UP Politics: दिनेश प्रताप सिंह बनाम अखिलेश यादव! राहुल लोधी के घर जाने पर छिड़ा सियासी संग्राम

BJP Slams Akhilesh Yadav Over Rahul Lodhi Visit: राहुल लोधी के घर अखिलेश यादव के पहुंचने पर भाजपा प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने सपा प्रमुख पर जातीय राजनीति और दिखावे का आरोप लगाया।
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Sep 24, 2026
भाजपा प्रवक्ता बोले- चुनाव की आहट के साथ अखिलेश को याद आईं जातियां, कल्याण सिंह के परिवार को लेकर भी उठाया सवाल (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
भाजपा प्रवक्ता बोले- चुनाव की आहट के साथ अखिलेश को याद आईं जातियां, कल्याण सिंह के परिवार को लेकर भी उठाया सवाल (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

Akhilesh Yadav Rahul Lodhi Visit:समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे और हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल लोधी के आवास पहुंचने को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। अखिलेश यादव 24 सितंबर को अपनी PDA रथ यात्रा के तहत रायबरेली पहुंचे, जहां उनके कार्यक्रम में राहुल लोधी के घर जाना भी शामिल था। इसी को लेकर भाजपा प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उनकी राजनीतिक रणनीति और लोधी समाज से जुड़ाव पर सवाल उठाए। अखिलेश यादव के रायबरेली कार्यक्रम में राहुल लोधी के आवास जाने की जानकारी पहले से जारी कार्यक्रमों में भी सामने आई थी।

‘चुनाव की आहट पर याद आई जातियां’

भाजपा प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव लंबे समय तक राजनीतिक रूप से निष्क्रिय रहने के बाद अब चुनाव की आहट के बीच जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल लोधी के घर जाना इसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा दिखाई देता है। दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि अखिलेश यादव इस मुलाकात के जरिए क्या संदेश देना चाहते हैं और क्या वह लोधी समाज के प्रति अपना जुड़ाव प्रदर्शित करना चाहते हैं। भाजपा नेता के इस बयान के बीच अखिलेश यादव का राहुल लोधी के घर जाना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। सपा की ओर से रायबरेली में शुरू किए गए PDA अभियान को पार्टी की आगामी चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों में भी राहुल लोधी के आवास पर अखिलेश के कार्यक्रम को इस अभियान के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में बताया गया है।

भाजपा प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह की फाइल फोटो। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

राहुल लोधी के घर जाने पर सियासी सवाल

अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे में हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी के आवास पर जाना पहले से निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा था। उपलब्ध कार्यक्रम के मुताबिक अखिलेश यादव रायबरेली पहुंचने के बाद राहुल लोधी के आवास जाएंगे और इसके बाद कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। राहुल लोधी समाजवादी पार्टी के हरचंदपुर विधायक हैं और हाल के दिनों में रायबरेली की स्थानीय राजनीति में उनका नाम चर्चा में रहा है। सितंबर में सपा और एबीवीपी से जुड़े विवाद के बाद पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच हुए घटनाक्रम को लेकर भी राहुल लोधी का नाम सामने आया था। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में अखिलेश यादव का उनके आवास पहुंचना स्थानीय सियासत में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कल्याण सिंह का भी उठाया मुद्दा

दिनेश प्रताप सिंह ने अपने बयान में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह लंबे समय तक प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका में रहे और उनका निधन होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार के प्रति शिष्टाचार के तौर पर संवेदना व्यक्त करना राजनीतिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने अब तक कल्याण सिंह के परिवार से जाकर मुलाकात नहीं की और इसे लेकर उन्होंने सपा प्रमुख से सवाल किया। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश की जनता के सामने इस बारे में अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। यह आरोप भाजपा प्रवक्ता की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा है। कल्याण सिंह के परिवार से अखिलेश यादव की मुलाकात या इस संबंध में सपा की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं है। इसलिए भाजपा नेता के इस दावे को उनके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

‘दिखावे की राजनीति’ का आरोप

दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर ‘दिखावे की राजनीति’ का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आने पर अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच संपर्क बढ़ाना सपा की रणनीति का हिस्सा है। भाजपा नेता ने अपने बयान में अखिलेश यादव से पूछा कि राहुल लोधी के घर जाकर वह किस तरह का राजनीतिक संदेश देना चाहते हैं। दरअसल, अखिलेश यादव की रायबरेली यात्रा को सपा की PDA रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी की ओर से पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों तक राजनीतिक पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जाता रहा है। रायबरेली में रथ यात्रा की शुरुआत और पार्टी के स्थानीय नेताओं के साथ संवाद को इसी व्यापक राजनीतिक अभियान के संदर्भ में देखा जा रहा है।

रायबरेली बना सियासी गतिविधियों का केंद्र

अखिलेश यादव के दौरे से पहले ही रायबरेली में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। सपा और भाजपा के बीच स्थानीय मुद्दों को लेकर बयानबाजी जारी है। हाल में सपा और एबीवीपी से जुड़े विवाद के बाद भी दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। अब अखिलेश यादव के दौरे ने इस राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है। अखिलेश यादव के कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात के अलावा जनसभा का भी कार्यक्रम रखा गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वह रायबरेली के जीआईसी मैदान में सभा को संबोधित करेंगे। इसके अलावा पीडीए रथ के जरिए क्षेत्र में संपर्क अभियान चलाने की योजना है।

भाजपा-सपा के बीच बयानबाजी तेज

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा और सपा के नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। भाजपा की ओर से जहां सपा की सामाजिक और चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं सपा की ओर से सरकार की नीतियों और विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा जा रहा है। दिनेश प्रताप सिंह इससे पहले भी अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर कई मुद्दों को लेकर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दे चुके हैं। हालिया बयानों में उन्होंने रायबरेली के विवाद, किसान कल्याण और संवैधानिक संस्थाओं सहित कई मुद्दों पर सपा पर हमला बोला था।

रायबरेली दौरे के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की फोटो। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

PDA रथ यात्रा पर निगाहें

अखिलेश यादव की रायबरेली यात्रा को लेकर सपा के भीतर भी तैयारियां तेज रही हैं। पार्टी अध्यक्ष का कार्यक्रम कार्यकर्ताओं से संवाद और आगामी चुनाव की तैयारियों से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार यात्रा के दौरान वह सपा के स्थानीय नेताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। रायबरेली से यात्रा की शुरुआत का राजनीतिक महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह कांग्रेस नेता राहुल गांधी का लोकसभा क्षेत्र है। अखिलेश यादव के इस कार्यक्रम को लेकर सपा-कांग्रेस संबंधों और विपक्षी गठबंधन के भीतर राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, इन चर्चाओं को राजनीतिक विश्लेषण के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

बयानबाजी से आगे बढ़ा सियासी मुकाबला

राहुल लोधी के आवास पर अखिलेश यादव के पहुंचने के बाद भाजपा की प्रतिक्रिया ने इस दौरे को एक और राजनीतिक बहस दे दी है। भाजपा प्रवक्ता ने जहां इसे जातीय राजनीति और राजनीतिक संदेश से जोड़ते हुए सवाल उठाए, वहीं सपा के कार्यक्रम का घोषित फोकस पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद और PDAअभियान है। अब अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे में उनके भाषण और राजनीतिक संदेश पर नजर रहेगी। भाजपा की ओर से उठाए गए सवालों पर सपा की प्रतिक्रिया भी आने वाले दिनों में सियासी बहस को आगे बढ़ा सकती है। फिलहाल राहुल लोधी के घर अखिलेश यादव की प्रस्तावित मुलाकात को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है और रायबरेली एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों के केंद्र में नजर आ रहा है।

Updated on:
24 Sept 2026 02:20 pm
Published on:
24 Sept 2026 02:11 pm