
लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा है कि उनके हाथ मुजफ्फरनगर दंगों के निर्दोषों के खून से सने हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपियों को चार्टर हवाई जहाज भेज कर अखिलेश यादव ने लखनऊ बुलाकर जो खैर मकदम किया था, वह जनता भूली नहीं है। कैराना में जब साम्प्रदायिक धु्रवीकरण करके पलायन कराया गया था, वह भी जनता अभी भूली नहीं है। भारतीय जनता पार्टी के ही कार्यकर्ता धार्मिक धु्रवीकरण के सामने डटकर मुजफ्फरनगर एवं कैराना में खड़े हुए थे।
वोटों के ध्रुवीकरण का आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल के नेता जो आज बड़ी-बड़ी बाते कर रहे है, तबस्सुम हसन और उसका परिवार उस समय किसकों संरक्षण दे रहा था। आज लोकदल के प्रत्याशी के पक्ष में फतवा जारी किया गया। क्या लोकतंत्र अब फतवे से चलेगा। ये विपक्ष की हताशा का परिणाम है और एक धर्म विशेष के वोटरों को पोलाराइज कराने का कुत्सित प्रयास है। पांडेय ने कहा कि लोकदल के प्रत्याशी कंवर हसन को प्रलोभन देकर राष्ट्रीय लोकदल की प्रत्याशी के पक्ष में बैठाया गया है। क्या कारण है कि अखिलेश यादव कैराना और नूरपुर की जनता से मुंह छुपाते घूम रहे हैं। अपना प्रत्याशी राष्ट्रीय लोकदल के चुनाव चिन्ह से लड़ा रहे हैं। आरएलडी का उपयोग शिखण्डी के रूप में किया जा रहा है।
गन्ना किसानों के भुगतान का दावा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि योगी सरकार ने पिछले 5 साल के गन्ने का बकाया भुगतान किया है। चालू गन्ना सत्र में अब तक 984.88 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है। रमाला शुगर मिल को 400 करोड़ दिये गये है। किसानों के लिये मिट्टी पर से रायल्टी समाप्त की गई है। कश्यप समाज और प्रजापति समाज को उचित सम्मान दिया गया है। हमारी सरकार युवाओं को रोजगार एवं नौकरी दे रही है। पुलिस में 1.62 लाख पदों पर भर्ती निकाली गयी है। योगी सरकार जातिवाद, सम्प्रदायवाद, क्षेत्रवाद के आधार पर निर्णय न लेकर सबका साथ-सबका विकास के सूत्र वाक्य पर काम कर रही है।