लखनऊ

कल्याण की शोक सभा में क्यों नहीं गये मुलायम?, विधानसभा चुनाव में मुद्दा बनाएगी भाजपा

भाजपा नेता जनता को बताएंगे कि मुस्लिम वोट बैंक की खातिर निमंत्रण मिलने के बावजूद मुलायम सिंह यादव कल्याण की शोकसभा में नहीं आये, जबकि खुद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने उन्हें आमंत्रित किया था

2 min read
Sep 01, 2021
bjp will raise issue of tribute to kalyan singh in up chunav
राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने अतरौली अलीगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कल्याण सिंह को अलीगढ़ अतरौली में श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की श्रद्धांजलि पर भी राजनीति शुरू हो गई है। शोक सभा में मुलायम और अखिलेश यादव के नहीं आने को भारतीय जनता पार्टी सियासी मुद्दा बनाने की तैयारी में है। भाजपाई जनता को बताएंगे कि मुस्लिम वोट बैंक की खातिर निमंत्रण मिलने के बावजूद मुलायम सिंह यादव कल्याण की शोकसभा में नहीं आये, जबकि खुद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने मुलायम से मिलकर उन्हें आमंत्रित किया था। वहीं, कांग्रेस की ओर से भी कोई नेता श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंचा था। वहीं, एक सितंबर को तेरहवीं कार्यक्रम में भी सपा-कांग्रेस का कोई नेता नहीं पहुंचा। वहीं, बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा शोकसभा में आये थे जबकि 22 अगस्त खुद मायावती कल्याण सिंह के निधन पर उनके आवास गई थीं और उन्हें श्रद्धांजलि दी थी।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी इस मुद्दे को खूब प्रचारित करेगी कि मुस्लिम तुष्टीकरण के चलते सपा और कांग्रेस के नेताओं ने कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि नहीं दी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आगामी चुनाव में श्रद्धांजलि की सियासत का लाभ बीजेपी को मिलेगा ही, पिछड़ों के साथ हिंदू भी पार्टी के पक्ष में लामबंद होंगे।

एक ही फोटो शेयर कर रहे सपा-भाजपा नेता
सोमवार को मुलायम सिंह यादव और स्वतंत्र देव सिंह की मुलाकात हुई थी। मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है, जिसमें मुलायम और स्वतंत्र देव सिंह गर्मजोशी से मिल रहे हैं। खास बात यह है सपा-भाजपा दोनों ही दलों के नेता इस फोटो को खूब शेयर कर रहे हैं। भाजपाई सवाल उठा रहे हैं कि निमंत्रण के बावजूद मुलायम श्रद्धांजलि देने क्यों नहीं आये? जबकि सपाई इस मुलाकात को नई दिशा में ले जा रहे हैं। खासकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के एक रिट्वीट ने सियासी गलियारों में तपिश बढ़ा दी है।

Published on:
01 Sept 2021 04:23 pm