2022 चुनाव (2022 election) से पहले दल बदल का सिलसिला शुरू हो गया है। इस कड़ी में बसपा (BSP) से निलंबित विधायक व पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय (Ramveer Upadhyay) का नाम सामने आ रहा है.
लखनऊ। 2022 चुनाव (2022 election) से पहले दल बदल का सिलसिला शुरू हो गया है। इस कड़ी में बसपा (BSP) से निलंबित विधायक व पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय (Ramveer Upadhyay) का नाम सामने आ रहा है, जिनके पुत्र चिराग ने खुद के व पिता के भाजपा (BJP) में शामिल होने की ओर संकेत दे दिए हैं। रविवार को जहां चिराग उपाध्याय (Chirag Upadhyay) ने ब्रज क्षेत्र के संगठन मंत्री से आगरा में मुलाकात कर लखनऊ में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने का ऐलान किया तो वहीं पिता रामवीर ने शनिवार को सीएम योगी से मुलाकात कर तमाम कयासों को पंख दे दिए। इस बीच बहुजन समाज पार्टी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने बड़ा बयान जारी किया है।
"कोई फर्क नहीं पड़ेगा"
उन्होंने कहा कि रामवीर उपाध्याय बसपा से विधायक हैं, लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण उन्हें पहले ही पार्टी से निलंबित किया जा चुका है। सतीश चंद्र मिश्र ने उनके पुत्र चिराग को लेकर कहा कि उपाध्याय का बेटा बसपा का कोई सदस्य नहीं है। वो अगर भाजपा में जाते हैं, तो उससे बसपा को किसी तरह का फर्क नहीं पड़ेगा।
भाजपा चाह रही ब्राह्मण चेहरा-
भाजपा का फोकस इन दिनों ब्राहण चेहरे पर हैं। रामवीर उपाध्याय भी बसपा के एक बड़े ब्राह्मण चेहरे के रूप में देखे जाते थे। उन्हें अपने पाले में कर भाजपा इस समाज के बड़े वोक बैंक को साधना चाहती है। उनके ऊपर लोकसभा चुनाव में आगरा, फतेहपुर सीकरी, अलीगढ़ समेत कई सीटों पर पार्टी प्रत्याशी का विरोध करने का आरोप लगा है। उनको बसपा ने विधानसभा में बसपा के मुख्य सचेतक पद से भी हटा दिया है। साथ ही कहा गया है कि वे अब पार्टी के किसी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे और न ही उन्हें इसमें आमंत्रित किया जाएगा।