
उत्तर प्रदेश सरकार ने राशन कार्ड सरेंडर करने के संबंध में चल रही अफवाह पर प्रेस नोट जारी करते हुए साफ साफ कह दिया है कि ये सभी खबरें फर्जी हैं। राज्य के खाद्य आयुक्त सौरव बाबू ने कहा, 'प्रदेश में राशन कार्ड सरेंडर करने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया, राशन कार्ड निरस्तीकरण को लेकर भी कोई सूचना या आदेश जारी नहीं किए गए हैं। राशन कार्ड बनवाने और बदलाव करने वाले सभी नियम 8 साल पुराने लागू हैं। उनमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। राशन कार्ड सत्यापन एक सामान्य प्रक्रिया है। यह समय-समय पर चलती है।"
इससे एक बात स्पष्ट हो गया है कि राशन कार्ड की पात्रता और अपात्रता को लेकर पर्ची चलाई जा रही हैं। वो सब फेक हैं फर्जी हैं। फर्जी खबरों में ऐसी भी कई बातें कि, जिन लोगों ने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए हैं उनसे वसूली की जाएगी।
गाइडलाइन में नहीं हुआ कोई बदलाव
खाद्य व रसद विभाग के आयुक्त सौरव बाबू ने कहा कि राशन कार्ड की पात्रता मानक 7 अक्टूबर, 2014 को निर्धारित किए गए गाइडलाइन के अनुसार ही है। इसमें किसी भी तरह का बदलाव यह संशोधन नहीं किया गया है और पात्रता व अपात्रता के लिए कोई नई शर्त निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड सरेंडर करने और पात्रता की नई शर्तों के संबंध में आधारहीन प्रचार हो रहा है।
किस स्थिति में नहीं घोषित होंगे अपात्र?
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी योजना के तहत आवंटित किए गए पक्के मकान, विद्युत कनेक्शन, एकमात्र शस्त्र लाइसेंस धारक, मोटरसाइकिल स्वामी, मुर्गी पालन व गोपालन होने के आधार पर किसी भी कार्डधारक को अपात्र घोषित नहीं किया जा सकता।