साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण उत्तर प्रदेश में दिखाई दे रहा है जिसका सूतक सुबह 9:23 AM से शुरू हो चुका है। अलग-अलग शहरों में शाम 6:01 PM के बाद चंद्रोदय के साथ ग्रहण देखा जा सकेगा और शाम 6:46 PM पर इसकी समाप्ति होगी।
साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए बेहद खास होने वाला है क्योंकि यह सूबे के लगभग सभी हिस्सों में दिखाई देगा। खगोलीय गणनाओं के अनुसार, इस ग्रहण का प्रभाव दोपहर से ही शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश में चंद्र ग्रहण का पहला स्पर्श दोपहर 3 बजकर 21 मिनट पर हुआ है। हालांकि, पूर्ण ग्रहण (खग्रास) की स्थिति शाम 4 बजकर 35 मिनट से शुरू होकर 5 बजकर 33 मिनट तक रहेगी लेकिन चंद्रमा के उदय होने के साथ ही यह दृश्य आम जनता को दिखाई देना शुरू होगा।
धार्मिक दृष्टि से चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले लग जाता है। उत्तर प्रदेश में ग्रहण का सूतक सुबह 9 बजकर 23 मिनट से प्रभावी हो गया जो शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद हैं। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और अस्वस्थ लोगों के लिए सूतक का समय दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इस दौरान दान-पुण्य और मंत्र जाप का विशेष महत्व बताया गया है।
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय में भिन्नता होने के कारण ग्रहण दिखने का समय भी थोड़ा अलग होगा। वाराणसी और गोरखपुर जैसे पूर्वी शहरों में ग्रहण सबसे पहले दिखाई देगा जबकि नोएडा और मथुरा जैसे पश्चिमी हिस्सों में यह थोड़ा देरी से नजर आएगा।
वाराणसी: शाम 06:04 से 06:46 तक
लखनऊ: शाम 06:12 से 06:46 तक
प्रयागराज: शाम 06:08 से 06:46 तक
नोएडा/गाजियाबाद: शाम 06:25 से 06:46 तक
कानपुर: शाम 06:14 से 06:46 तक
झांसी: शाम 06:22 से 06:46 तक
मौसम विज्ञान और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, ग्रहण की प्रक्रिया लंबी चलेगी। उपच्छाया से पहला स्पर्श दोपहर 02:16 PM पर होगा जबकि परमग्रास (ग्रहण का चरम) शाम 05:04 PM पर होगा। शाम 06:46 PM पर प्रच्छाया से अंतिम स्पर्श के साथ ही मुख्य ग्रहण समाप्त हो जाएगा और सूतक काल भी खत्म हो जाएगा। इसके बाद शुद्धिकरण और स्नान आदि के बाद ही मंदिरों में पूजा-अर्चना पुनः शुरू हो सकेगी।