लखनऊ

‘विपक्ष को दिखाएंगे अपनी ताकत’, चंद्रशेखर आजाद 26 नवंबर को लखनऊ में करेंगे बड़ा शक्ति प्रदर्शन

Chandrashekhar Azad: आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद संविधान दिवस के मौके पर लखनऊ में बड़ा शक्ति प्रदर्शन करेंगे। जानिए कार्यक्रम को लेकर चंद्रशेखर आजाद ने क्या कहा...
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Updated: 6 Nov 2026, 5:00 PM IST
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लखनऊ में चंद्रशेखर आजाद करेंगे शक्ति प्रदर्शन (PC: IANS)

Azad Samaj Party Lucknow Rally: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने अपनी राजनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने 26 नवंबर को 'संविधान दिवस' के खास मौके पर राजधानी लखनऊ में बड़े शक्ति प्रदर्शन का ऐलान किया है। उन्होंने लोगों से इस कार्यक्रम में भारी संख्या में शामिल होने की अपील भी की है।

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि 26 नवंबर को आजाद समाज पार्टी लखनऊ में अपनी ताकत दिखाएगी। इस बड़े आयोजन के जरिए विपक्ष को यह संदेश दिया जाएगा कि पार्टी को मजबूत बनाने के लिए लोग एकजुट हैं और अपने अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल राजनीतिक भागीदारी तक ही सीमित नहीं है बल्कि, इसमें रोजी-रोटी, कपड़ा, मकान, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य-सुविधाओं जैसे आम लोगों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।

माता रमाबाई आंबेडकर मैदान में होगी महारैली

आजाद समाज पार्टी की ओर से 26 नवंबर को लखनऊ के माता रमाबाई आंबेडकर मैदान में 'बहुजन स्वराज संकल्प महारैली' का आयोजन किया जाएगा। पार्टी ने इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने की युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। चंद्रशेखर आजाद ने अपने संदेश में कहा कि संविधान दिवस के मौके पर लोग मैदान में इकट्ठा होकर अपनी एकजुटता का संदेश देंगे। पार्टी स्तर पर भी जनसंपर्क अभियान चलाने और जिला व विधानसभा स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की रणनीति बनाई गई है। बाहर से आने वाले लोगों की मदद के लिए स्वयंसेवक टीमें भी बनाई जा रही हैं।

मायावती की रैली से पहले चंद्रशेखर का शक्ति प्रदर्शन

लखनऊ में चंद्रशेखर आजाद की इस प्रस्तावित महारैली के ठीक बाद बहुजन समाज पार्टी (BSP) भी लखनऊ में एक बड़ा कार्यक्रम करने की तैयारी में है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने 6 दिसंबर को लखनऊ में रैली आयोजित करने का फैसला किया है। इस तरह चंद्रशेखर आजाद की 26 नवंबर की रैली के ठीक 10 दिन बाद बसपा का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है। दोनों कार्यक्रमों के बीच समय का यह अंतर यूपी की बहुजन राजनीति के लिहाज से काफी अहम है।

क्यों मनाया जाता है 26 नवंबर को संविधान दिवस?

भारत में हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन साल 1949 में संविधान सभा ने भारतीय संविधान को औपचारिक रूप से अंगीकार किया था। इसके बाद 26 जनवरी, 1950 को देश का संविधान लागू हुआ और भारत एक पूर्ण गणराज्य बना था। संविधान दिवस के मौके पर देशभर में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। आजाद समाज पार्टी ने भी इसी दिन लखनऊ में अपनी महारैली आयोजित करने का फैसला किया है।

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