सभा में चिराग पासवान ने कहा कि वह अपने पिता रामविलास पासवान के संकल्प और सपनों को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश आए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने बिहार में दलितों और वंचितों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी थी। अब वह उसी तरह यूपी में सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ना चाहते हैं। चिराग ने कहा कि आज बाबा विश्वनाथ की धरती से अपने पिता के संघर्षों की कसम खाकर कहता हूं, जब तक चिराग पासवान जिंदा है तब तक न आरक्षण पर कोई आंच आएगी, न ही संविधान पर आंच आएगी।