
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. Cheap Houses in Lucknow- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सस्ते घर पाने का सपना जल्द पूरा होगा। केंद्र सरकार की लाइट हाउस परियोजना (Light House Scheme) के तहत लखनऊ में दिसंबर 2021 में कम कीमत पर मकान मिलेंगे। इस योजना के मकानों को 100 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जानकारी के मुताबिक, 15 जुलाई से सस्ते मकानों के लिए आवेदन मांगे जाएंगे। ये मकान दुर्बल व मध्यम आय वर्ग के लोगों को दिये जाएंगे। इनकी कीमत 5.26 लाख रुपए प्रति मकान तय की गई है। लाइट हाउस योजना के इच्छुक आवेदकों की सालाना आय तीन लाख रुपये से कम होनी चाहिए और उनका अपना कोई आवास नहीं होना चाहिए।
उत्तर प्रदेश आवास विभाग परिषद ने 100 दिनों में इन मकानों को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। आवास विकास परिषद ने यहां पहले ही सड़क, सीवर, जलापूर्ति और बिजली की व्यवस्था कर रखी है। ऐसे में दिसंबर में यह मकान कब्जा देने को तैयार होंगे। आवास विकास लाउट हाउस के मकानों को बनाने के लिए निजी क्षेत्र की मदद लेगा। इसके लिए अगले महीने से निविदा आमंत्रित की जाएगी।
जनवरी में शुरू हुई थी लाउट हाउस परियोजना
जनवरी 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुर्बल व मध्यम आय वर्ग के लोगों के लाउट हाउस परियोजना की आधारशिला रखी थी। इस परियोजना के तहत देश भर में मकान बनाए जा रहे हैं। इसके लिए लखनऊ, चेन्नई, राजकोट, अगरतला, रांची, राजकोट और इंदौर का चयन किया गया है।
लॉटरी से होगा लाभार्थियों का चयन
यूपी आवास विकास के अफसरों के मुताबिक, लखनऊ में अवध विहार आवासीय परियोजना के सेक्टर पांच में लाइट हाउस मकानों का निर्माण किया जाएगा। परियोजना में पात्र आवंटियों की संख्या अधिक अधिक होने पर लाभार्थियों का चयन लॉटरी के द्वारा किया जाएगा।
5000 रुपए रजिस्ट्रेशन शुल्क
लाइट हाउस परियोजना में आवेदकों को रजिस्ट्रेशन के लिए 5000 रुपए आवेदन शुल्क जमा करना होगा। मकान आवंटित होने के बाद आवेदक को महीने भर के अंतराल में 45 हजार रुपए जमा करने होंगे। इसके बाद चार तिमाही किस्तों यानी साल भर में 1.19 लाख रुपये जमा करने होंगे।
12.58 लाख के फ्लैट 5.26 लाख रुपए में मिलेंगे
लाइट हाउस परियोजना के तहत लखनऊ में 13 मंजिला टावर बनाया जाएगा। एक फ्लैट की कीमत 12.58 लाख रुपये होगी। सब्सिडी के तहत लाभार्थियों को यह 5.26 लाख रुपए में दिये जाएंगे। नई तकनीक से तैयार होने वाले इन फ्लैट्स की उम्र 50 साल होगी।
कम आएगी मकानों की लागत
आवास विकास के अफसरों के मुताबिक, नई तकनीकी के तहत बनाने वाले मकानों की लागत कम आएगी, क्योंकि पहले से फैक्ट्रियों में तैयार होने वाले बीम, कॉलम और पैनल इन मकानों में इस्तेमाल होंगे। योजना में बनने वाले फ्लैट का कॉरपोरेट एरिया 34.50 वर्ग मीटर और सुपर एरिया 38.38 वर्ग मीटर होगा।