
Chirag Paswan Statement on UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मियां अभी से तेज हो गई हैं। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने यूपी चुनाव को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि, उनकी पार्टी हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है। अगर NDA के साथ गठबंधन होता है तो वे उसका स्वागत करेंगे, लेकिन अगर बात नहीं बनी तो उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी।
उत्तर प्रदेश में NDA के साथ चुनाव लड़ने के सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि अभी इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर और बिहार में हमारी पार्टी का NDA के साथ मजबूत गठबंधन है। हमने अलग-अलग राज्यों में परिस्थितियों के अनुसार फैसले लिए हैं। उन्होंने नगालैंड का उदाहरण देते हुए कहा कि, वहां हमारी पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ा था और आज हमारे 2 विधायक हैं। चिराग ने साफ कहा कि यूपी में गठबंधन होता है तो अच्छी बात है, नहीं तो हम सभी 403 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे।
चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश में पार्टी की चुनावी तैयारियों और रणनीति की जानकारी देते हुए बताया कि वाराणसी में बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। इसके बाद 28 नवंबर को लखनऊ में पार्टी का स्थापना दिवस समारोह मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) प्रदेश में मजबूत दावेदार के रूप में अपनी पहचान बनाएगी।
चिराग पासवान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वोट-चोरी और विदेशी फंडिंग से जुड़े आरोपों पर भी तीखा पलटवार किया। उन्होंने इन आरोपों को कांग्रेस की सत्ता में लौटने की बेचैनी करार दिया। चिराग ने कहा कि कांग्रेस को चुनाव में लगातार हार के बाद आत्ममंथन करना चाहिए लेकिन वह प्रधानमंत्री पर ही सवाल उठा रही है।
चिराग पासवान ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस SIR को भी बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। चिराग ने उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि इन राज्यों की जनता ने कांग्रेस को लंबे समय से सत्ता से बाहर रखा है। उन्होंने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने और अपनी हार का सही आकलन करने के बजाय आरोप लगाने से कांग्रेस को कोई सफलता नहीं मिलेगी।