लखनऊ

सीएम योगी ने अखिलेश- शिवपाल की आदमखोर भेड़िए से की तुलना, बोले- 2017 से पहले चाचा- भतीजे ने मचाया था उत्पात

लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव और शिवपाल यादव की आदमखोर भेड़िए से तुलना की।

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Sep 04, 2024
CM Yogi Adityanath compared Akhilesh Yadav and Shivpal yadav to wolf

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथने बुधवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 1334 जूनियर इंजीनियरों, कंप्यूटर और फोरमैन कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया। कार्यक्रम को संबोधित हुए उन्होंने अपनी सरकार की सराहना की और विपक्ष पर जमकर हमला बोला। इस दौरान उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव की तुलना आदमखोर भेड़िए से की।

सीएम योगी ने कहा कि जिस तरह आजकल कुछ जिलों में आमदखोर भेड़िए उत्पात मचाए हैं। वैसे ही 2017 से पहले यूपी में चाचा- भतीजे ने उत्पात मचाया था। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले जब नौकरियां निकलती थीं तो चाचा भतीजे में वसूली की होड़ लगती थी। इनके इलाके बंटे हुए थे। हालांकि, बाद में चाचा को धक्का देकर बाहर कर दिया जाता था।

अखिलेश यादव के बुलडोजर वाले बयान पर सीएम योगी ने किया पलटवार

सीएम योगी आदित्यनाथने अखिलेश यादव के बुलडोजर वाले बयान पर पलटवार किया। सीएम योगी ने कहा कि बुलडोजर पर हर व्यक्ति के हाथ नहीं फिट हो सकते। इसके लिए दिल और दिमाग दोनों चाहिए। बुलडोजर जैसी क्षमता और दृढ़ प्रतिज्ञा जिसमें हो, वो ही बुलडोजर चला सकता है। दंगाइयों के सामने नाक रगड़ने वाले लोग बुलडोजर के सामने वैसे ही पस्त हो जाएंगे।

"अलग पार्टी बनाकर बुलडोजर सिंबल पर लड़ जाइए, घमंड टूट जाएगा"

इसके बाद अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए सोशल मीडिया 'X' पर लिखा, "अगर आप और आपका बुलडोज़र इतना ही सफल है तो अलग पार्टी बनाकर ‘बुलडोज़र’ चुनाव चिन्ह लेकर चुनाव लड़ जाइए। आपका भ्रम भी टूट जाएगा और घमंड भी। वैसे भी आपके जो हालात हैं, उसमें आप भाजपा में होते हुए भी ‘नहीं’ के बराबर ही हैं, अलग पार्टी तो आपको आज नहीं तो कल बनानी ही पड़ेगी।"

अखिलेश यादव ने क्या कहा था ?

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादवने मंगलवार को लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में कहा था कि साल 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी का सफाया होगा और राज्य में समाजवादी सरकार बनते ही पूरे प्रदेश के बुलडोजरों का रूख गोरखपुर की तरफ होगा।