मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब कोई भी बच्चा पढ़ाई छोड़कर घर पर नहीं बैठेगा। निपुण भारत योजना (नेशनल इनिशिएटिव फॉर प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमेरेसी) शिक्षा की मूलभूत इकाई पर काम करने जा रही है। इससे स्कूल में ड्रॉपआउट की समस्या दूर होगी।
लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब कोई भी बच्चा पढ़ाई छोड़कर घर पर नहीं बैठेगा। निपुण भारत योजना (नेशनल इनिशिएटिव फॉर प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमेरेसी) शिक्षा की मूलभूत इकाई पर काम करने जा रही है। इससे स्कूल में ड्रॉपआउट की समस्या दूर होगी। इसके साथ ही नई शिक्षा नीति को प्रभावी रूप से लागू किया जा सकेगा। सीएम उन्होंने कहा कि निपुण भारत योजना से प्रदेश के विद्यालयों को जोड़ने और विद्यालयों में परिवर्तन करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने ये बातें रविवार शाम विकास भवन में स्थित अत्याधुनिक निपुण भारत मॉनिटरिंग सेंटर का लोकार्पण करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहीं।
साढ़े चार साल में बेसिक शिक्षा परिषद ने किया बेहतरीन प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक शिक्षा, शिक्षा की आधारभूत इकाई है। इसी को ध्यान में रखकर तकनीक का बेहतर उपयोग करते हुए निपुण के तहत जीआईएस आधारित विद्यालयवार परफार्मेंस किट मैप, लर्निंग आउटकम मैप आधारित इस योजना का शुभारम्भ हुआ है। इस दौरान उन्होंने कहा कि 2017 में जब सरकार ने अपना दायित्व संभाला, तो उस समय बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में एक करोड़ 30 लाख बच्चे पंजीकृत थे। लेकिन उस समय विद्यालयों की दशा बहुत दयनीय थी। पिछले साढ़े चार वर्ष में बेसिक शिक्षा परिषद ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और तकनीक अपनाकर पारदर्शी तरीके से न केवल शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया है बल्कि छात्रों व शिक्षक का अनुपात बेहतर किया है। दुनिया में उत्तर प्रदेश पहला ऐसा राज्य है जिसमें बेसिक शिक्षा परिषद में छात्रों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।