
UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव करीब आते ही मेल-मुलाकातों का दौर काफी तेज हो गया है। चुनाव में अब महज छह से सात महीने का वक्त बचा है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक मुलाकात सियासी गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बन गई है। सीएम योगी अचानक देवरिया के पूर्व सांसद और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के घर पहुंचे और उनसे खास मुलाकात की।
लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) श्री प्रकाश मणि त्रिपाठी भारतीय सेना के एक जांबाज अधिकारी और देवरिया से पूर्व लोकसभा सांसद हैं। उन्होंने साल 1955 में सेना में कमीशन प्राप्त कर 1971 के युद्ध के साथ नागालैंड और मिजोरम के अभियानों में अदम्य साहस का परिचय दिया। अपने शानदार सैन्य सफर में वे उप-सेना प्रमुख के अहम पद तक पहुंचे जिसके लिए उन्हें अति विशिष्ट और परम विशिष्ट सेवा पदक से नवाजा गया। सेना से रिटायर होने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा। उन्होंने 11वीं और 13वीं लोकसभा में देवरिया क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के परिवार का देवरिया ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वांचल के ब्राह्मण समाज में खास प्रभाव माना जाता है। सेना से रिटायर होने के बाद श्रीप्रकाश मणि ने 1996 और 1999 में देवरिया से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता था। उन्हें देवरिया से भाजपा का पहला सांसद बनने का गौरव प्राप्त है। इसी प्रभाव को देखते हुए 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपने तत्कालीन सांसद डॉ रमापति राम त्रिपाठी का टिकट काटकर श्रीप्रकाश मणि के बेटे शशांक मणि त्रिपाठी को मैदान में उतारा था। शशांक ने देवरिया सीट जीतकर पार्टी के भरोसे को कायम रखा था।
शुक्रवार को देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करने के बाद सीएम योगी गोरखपुर पहुंचे। यहां वे अचानक श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के आवास पर पहुंच गए। जैसे ही इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आईं राजनीतिक हलकों में इसके मायने निकाले जाने लगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात ब्राह्मण समाज को अहमियत देने का एक बड़ा संदेश है। यह कदम ऐसे वक्त उठाया गया है जब मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी जनेश्वर मिश्र की जयंती पर बड़ा ब्राह्मण सम्मेलन करने की तैयारी कर रही है। पिछले दिनों अखिलेश यादव की मौजूदगी में इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया था।
आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सामने देवरिया में अपना ही पुराना इतिहास दोहराने की बड़ी चुनौती है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जिले की सभी सातों सीटों पर जीत हासिल कर विपक्ष का पूरी तरह से सूपड़ा साफ कर दिया था। इससे पहले 2017 में भी पार्टी ने सात में से छह सीटें जीती थीं। तब केवल भाटपाररानी की सीट सपा के खाते में गई थी लेकिन 2022 में भाजपा ने समाजवादी पार्टी के इस गढ़ में भी पहली बार कमल खिलाकर क्लीन स्वीप कर लिया था। अब पार्टी का लक्ष्य इसी प्रदर्शन को एक बार फिर से दोहराना है।